

उत्तर प्रदेश के बरेली में एक मासूम बच्ची जिंदगी मौत से जूझ रही है। मासूम बच्ची स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप 1 बीमारी की चपेट में है। मासूम की मां अपनी बेटी की जिंदगी बचाने के लिए अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों के दरवाजे खटखटा रही है ताकि उसकी बेटी को समय रहते मदद मिल सके।
बच्ची की उम्र 6 माह है उसकी जिंदगी धीरे धीरे ख़त्म हो रही है। बच्ची की नसें धीरे धीरे कमज़ोर हो रही है । बच्ची की मां यह सब देख बेहद चिंतित है और वह ऊपर वाले से अपनी बच्ची की जिंदगी बचाने की गुहार लगा रही है।
जानकार बताते है कि इस दुर्लभ बीमारी का सिर्फ एक ही इलाज है इंजेक्शन जो केवल अमेरिका में ही मिलता है । इस इंजेक्शन की क़ीमत 16 से 18 करोड़ के बीच बताई जाती है।
जानकारी के मुताबिक बरेली के किला थाना क्षेत्र के ज़कीरे मोहल्ले की रहने वाली सबा परवीन की 6 माह की बेटी मन्हा स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी नाम की इस घातक बीमारी से जूझ रही है।
सबा के मुताबिक उसने अपनी बच्ची को सबसे पहले बरेली के बड़े डॉक्टरों को दिखाया लेकिन कोई भी इस बीमारी को पकड़ नहीं पाया जिसके बाद मन्हा को दिल्ली के सर गंगाराम में दिखाया जहाँ बच्ची में इस बीमारी की पुष्टि की गई अब इस बच्ची की जान बचाने के लिये जिस इंजेक्शन की ज़रूरत है उसकी क़ीमत 16 से 18 करोड़ के बीच है।
ऐसी विषम परिस्थति में सबा के पति ने भी उसका साथ छोड़ दिया है लेकिन सबा ने हार नहीं मानी वह अपनी बेटी को बचाने के लिये हर सम्भव प्रयास कर ही है ।
बरेली के पूर्व केंद्रीय मंत्री और जिला अधिकारी नीतीश कुमार ने नन्नी बच्ची के लिये अपनी पूरी ताकत लगा दी है। सारी कागजी कार्यवाही पूरी हो चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बच्ची को बचाने के लिये प्रयास भी शुरू कर दिये हैं।
हालांकि सूत्र बताते है कि उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने इंजेक्शन को मंगवाने के लिए अपनी तरफ से पहल शुरू की है लेकिन डर इस बात का है कहीं इलाज मिलने में देर नहीं हो जाये।




