
कमलेश शर्मा
शाहजहांपुर | अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी की संदिग्ध मौत पर पूर्व केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद ने बड़ा बयान दिया है । उन्होंने नरेंद्र गिरी की मौत को हत्या बताया है । चिन्मयानंद ने यह भी कहा है कि अखाड़ा परिषद की संपत्ति को लेकर एक राजनीतिक दल के विशेष लोगों ने हत्या की है । योगी को असफल साबित करने के लिए संतो के खिलाफ हो रही है साजिश। चिन्मयानंद ने नरेंद्र गिरी की मौत की उच्च स्तरीय जुडिशरी जांच की कराने की मांग भी की है | घटना से देशभर के संत समाज में है नाराजगी है | योगी सरकार जिस तरीके से भूमाफियाओं, गुंडो और अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रही है उसी तरीके से साधु संतों के खिलाफ जो उन्हें बदनाम और उनकी हत्या करने के लिए षड्यंत्र कर रहे हैं उनके खिलाफ भी अभियान चलाना चाहिए| उन्होंने सुसाइड नोट मिलने की बात पर कहा कि यह भी जाँच होना चाहिए कि नोट किसने लिखा है किसकी हैंड राइटिंग में है | क्या महंत जी ने खुद सुसाइड नोट लिखा है या लिखवाया है उस संबंध में भी जाँच होना चाहिए | कुछ लोगों ने प्रयागराज में अखाड़े की जमीन पर कब्जा किये हुए थे जिसके बदले में पेमेंट हुआ या नहीं , यह सवाल आनंद गिरि ने उठाया था , इस बात का फायदा उठाकर मनमुटाव कराया गया और हत्या की गई , आरोप आनंद गिरि पर गया |
आनंद गिरि निर्दोष है | योजी जी को इस बात की भी जाँच कराना चाहिए |




