
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में तैनात सीओ गणेश कुमार गुप्ता कोरोना काल में पुलिस विभाग के तुरुप के इक्का साबित हो रहे है | दरसल पंचायती चुनाव के दौरान तमाम पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर लगाया गया था | जब पुलिसकर्मी वापस आये तो तमाम पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित हो गए | लेकिन अब ऐसे पुलिसकर्मियो का इलाज ट्रेनी सीओ गणेश कुमार कर रहे है | गणेश कुमार ने वर्ष 2005 में एमबीबीएस पास किया था बाद में उन्होंने पुलिस विभाग को ज्वाइन कर लिया था | जानकारी के मुताबिक बिजनौर के पीपीएस ट्रेनी सीओ गणेश कुमार गुप्ता ने अपने पिता के कहने से साल 2005 किंग्स जॉर्ज मेडिकल कॉलेज लखनऊ से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की | इसके बाद गणेश कुमार ने कई सरकारी और निजी अस्पतालों में नौकरी की |

वही गणेश कुमार का बचपन से सिविल सर्विस में जाने का मन था| इसी का नतीजा रहा की साल 2016 में पहली बार में पीपीएस बनकर पुलिस सेवा शुरू की| हालाँकि गणेश ने मेडिकल करियर के पेशे को कभी नहीं छोड़ा बल्कि अपने जान पहचान के दोस्तों का लगातार इलाज करते रहे | बताया जाता है कि गणेश कुमार ने करीब चार महीने पहले बिजनौर में सीओ ट्रेनी के पद पर आये है | इसी दौरान किसी तरह एसपी बिजनौर को सीओ गणेश कुमार के मेडिकल करियर के बारे में पता चला | बाद में एसपी के कहने पर कोविड पुलिस मरीज़ो का वह लगातार इलाज कर रहे है | सीओ गणेश कुमार अब तक बिजनौर में तैनात करीब दो सौ के आसपास पुलिसकर्मियो का इलाज कर चुके है | काफी मरीज गणेश कुमार की देखरेख में सही हो चुके है | सीओ गणेश कुमार गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अपने पिता जी के कहने पर 2005 में किंग्स जॉर्ज मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया | दिल्ली सरकार में सरकारी नौकरी भी की | उन्होंने यह भी बताया कि उनका बचपन से सिविल सर्विस में जाने का मन था और 2016 में वह पीपीएस बने और पुलिस सेवा में आ गए | हालाँकि उन्होंने मेडिकल सेवा के दौरान सीखा है उसका वह कोरोना काल में बेस्ट देने की कोशिश कर रहे है |




