
बरेली | फतेहगंज पश्चिमी में बाघिन को पकड़ने के लिए वनविभाग जी जान से लगा हुआ है साथ ही कई टीमें भी बाघिन को पकड़ने के अभियान में मदद कर रही है | फैक्ट्री परिसर में नाईट विजन में बढ़िया काम करने करने वाले कई कैमरे लगे हुए है | वनविभाग ने बाघिन के क्षेत्र को सीमित करने के लिए जाल लगाया है ताकि बाघिन अब फैक्ट्री परिसर को छोड़कर कहीं ना जा सके | फैक्ट्री में वनविभाग की टीम दो शिफ्टों में काम कर रही है | एक टीम दिन के हालात पर नजर बनाई हुई है तो वही एक टीम रात में मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाई हो | वनविभाग की टीम में बाघिन की लोकेशन को फैक्ट्री परिसर में बने मंदिर के पास पाया है | वनविभाग के कर्मचारियों का कहना है कि ईश्वर और भाग्य ने साथ दिया तो यह मिशन अगले दो दिन में पूरा किया जा सकता है | वनविभाग की टीम को बाघिन के पदचिन्ह भी मिले है |
फैक्ट्री परिसर से मिली तश्वीरों से जानिए ऑपरेशन में कितना है जोखिम






13 मार्च 2020 में फैक्ट्री परिसर में देखी गई थी बाघिन
फतेहगंज पश्चिमी में वनविभाग ने बाघिन को पकड़ने के लिए अपनी हर संभव कोशिश कर दी है | इसी क्रम में वनविभाग की एक्सपर्ट टीम ने बाघिन के क्षेत्र को जाल लगाकर सीमित करने की कोशिश की है | बताया जाता है बाघिन को रबर फैक्ट्री के स्टाफ ने 13 मार्च 2020 को फैक्ट्री के परिसर में पहली बार देखा था | तब से वनविभाग ने बाघिन को पकड़ने के लिए चार से 5 रेस्क्यू चलाये लेकिन कोई अभियान सफल नहीं हो पाया | इस बार एक बार फिर एक्सपर्ट बाघिन को पकड़ने के लिए अभियान कर रहे है | जानकारी के मुताबिक बीते शुक्रवार को भी बाघिन की लोकेशन फैक्ट्री के कोयला प्लांट से सटे मन्दिर के पास तालाब के पास देखी गयी है। बाघिन ने आधी रात के समय दहाड़ भी लगाई थी।जिसको सुनकर मौजूद बन विभाग की टीम के सदस्य और फैक्ट्री गार्ड अलर्ट हो गए थे ।




