
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में दिल को छू लेने वाली तश्वीर सामने आई है , जहां एक परिवार ने अपने बेटे की सांस वापस लेने के लिए बेटे को रेत में दवाया ताकि उसके प्राण वापस आ जाये | लेकिन ऐसा संभव नहीं हुआ | फिलहाल यह मामला बरेली जिले में सुर्खियां बटोर रहा है | जानकारी के मुताबिक थाना शीशगढ़ के गिरधरपुर में भूपेन्द का ई रिक्शा घर के दरवाजे पर विजली से चार्ज हो रहा था। इसी दौरान भूपेंद्र का 5 वर्षीय बेटा करन खेलते खेलते अचानक ई रिक्शा के पास पहुंच गया। ई रिक्शा से विजली के तार से करंट लग गया। चीख पुकार की आवाज सुनकर दौड़े परिजनों ने बच्चे को आनन फानन मे रेत में दबा दिया और देशी तरह से इलाज करने लगे | काफी समय बीत जाने के बाद करन को कोई फायदा नहीं दिखा तो परिवार के लोगो को बेटे की चिंता सताने लगी | परिवार के लोगो ने तय किया वह करन को इलाज के लिए बरेली ले जायेंगे और वहां किसी अच्छे अस्पताल में भर्ती कराएंगे | परिवार के लोग करन को लेकर कुछ किलोमीटर की दूरी तय कर पाए की करन की मौत हो गई | घटना से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है वही यह भी सवाल उठ रहा है कि परिवार के लोग समय खराब किये बगैर अगर मासूम को ले जाते तो शायद मासूम की जिंदगी बच जाती |




