बरेली। फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के मोहल्ला अंसारी में घरेलू विवाद के बाद आग से गंभीर रूप से झुलसे हुसैनी मस्जिद के अज़ान देने वाले (मुअज्जिन) अब्दुल कादिर की उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज और अस्पताल में रिकॉर्ड किए गए एक वायरल वीडियो को पुलिस ने जांच का अहम हिस्सा बनाया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, मंगलवार को किसी बात को लेकर हुए घरेलू विवाद के बाद अब्दुल कादिर आग की चपेट में आ गए। गंभीर रूप से झुलसने के बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें अब्दुल कादिर आग की लपटों से घिरे हुए गली में दौड़ते दिखाई दे रहे हैं। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने और आग बुझाने का प्रयास किया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इस बीच अस्पताल में उपचार के दौरान रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में अब्दुल कादिर अपनी हालत के लिए पत्नी को जिम्मेदार बताते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा
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पुलिस ने घटनास्थल से मिले सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। तकनीकी और फॉरेंसिक पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
अब्दुल कादिर अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। उनकी मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है और क्षेत्र में भी घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है।सीओ देवेश सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों की तहरीर और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच जारी है।



