
शकील अहमद
क्योलड़िया |ठिरिया बन्नो जान गांव के रहने वाले सुरेश गंगवार के हिन्दू धर्म छोड़कर मुस्लिम धर्म अपनाने के ऐलान पर भाजपा और कुर्मी बिरादरी में खलबली मच गयी। गांव के लोग भी उनके द्वारा लिये धर्म परिवर्तन के अचानक फैसले पर हैरान और परेशान हो गये। जिसके बाद तमाम बिरादरी समाज के लोग उनको मनाने को उनके घर पहुंचे। जहां पर जब लोगों ने उनसे उनका हाल पूछा तो वह फूट पड़े। कहा कि वह अब हिन्दू धर्म मे नहीं रहना चाहते हैं। क्योंकि उन्हें अपने घर परिवार और बिरादरी के लोगों ने इतना बड़ा धोखा दिया है कि वह अब टूटकर रह गये हैं। उन्होंने बताया कि वह अपनी बिरादरी और घर परिवार के लोगों के कहने पर ही इस बार पंचायत के चुनाव के अलावा पिछली बार भी चुनाव लड़े। लेकिन दोनों ही चुनावों में उनकी जमीन के अलावा जमा पूंजी नहीं बची। उन्होंने अपना सब कुछ गवां दिया। इस पर उन्हें लोगो ने ढांढस बंधाया। और समझाया। मंगलवार को उनके घर पहुंचे बीजेपी नेता भुजेंद्र गंगवार ने उनसे कहा कि वह धर्म परिवर्तन की बात अपने मन से निकाल दें। अगर उन्हें बिरादरी या हिंदू धर्म के लोगों से पीड़ा हुई है तो वह परेशान ना हों। उनके साथ पूरा समाज और भाजपा पार्टी है। केंद्रीय कैबिनेट मंत्री संतोष गंगवार ने भी सुरेश गंगवार से बात कर उनको सम्मान दिलाने का आश्वासन दिया।

लाखों रुपये खर्च करने के बाद 43 वोट मिले तो टूट गये सुरेश
धर्म परिवर्तन के ऐलान की बात पर सुरेश गंगवार के पास जब गांव और आस पास के लोग पहुंचे तो उनसे पूछा गया कि वह आखिर हिंदू धर्म छोड़ने को क्यों कह रहे हैं। तो वह बोले कि मुझे बिरादरी के लोगों ने 2010 में चुनाव लड़ाया जिसमें मुझे 625 वोट मिले। और मैने चुनाव जीतने को अपनी सात बीघा जमीन समेत लाखों रुपया दांव पर लगा दिया। इसके बाद मैं लगातार लोगों के सुख दुख में उनके साथ रहा। लेकिन 2015 चुनाव में बिरादरी के लोगों ने अगले चुनाव में साथ देने की बात कहकर बैठा दिया। इस बार जब नामांकन कराने के बाद जनसंपर्क किया और लोगों से समर्थन जुटाया। मगर इस बार बिरादरी के अलावा सभी करीबी लोगों ने साथ छोड़ दिया। उन्हें अपनी बिरादरी के 400 वोटों के होते हुए भी मात्र 43 वोट मिले। इससे मन टूट गया। यह सुनकर लोगों ने कहा कि वह हिंदू धर्म में रहें। हम सब लोग आपके साथ हैं।
गांव पहुंचे भुजेंद्र गंगवार ने केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार से करायी बात
रेलवे बोर्ड के मेंबर भुजेंद्र गंगवार,पार्टी के श्याम रस्तोगी, राकेश गंगवार, समेत तमाम पार्टी के लोग उन्हें मनाने पहुंचे। और उनकी पीड़ा को देखते हुए भुजेंद्र गंगवार ने सुरेश गंगवार की फोन पर केंद्रीय कैबिनेट मंत्री संतोष गंगवार से बात करायी। केंद्रीय मंत्री के मदद के आश्वासन और सम्मान की बात पर वह राजी हो गये। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से कहा कि वह बिकलांग है। और उनकी दो बेटियां शादी के योग्य हैं। जमीन भी नही बची। ऐसे में वह किस तरह अपने परिवार का पालन पोषण करेगा। इस पर उन्हें केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने सरकार द्वारा चलायी जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया। जिस पर उन्होंने धर्म परिवर्तन के अपने फैसले को वापस ले लिया। भुजेंद्र गंगवार ने भी उनसे कहा कि हिंदू धर्म पर वह अपनी आस्था रखें। उनके साथ बिरादरी और सभी लोग हैं। आगे उन्हें जब भी मदद की जरूरत होगी। तो वह हमेशा मदद को तैयार हैं।
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