
यूपी के पीलीभीत का टाइगर रिजर्व में नेपाली हाथियों के आगमन की खबर है। बताया जा रहा है कि नेपाल के रास्ते करीब 20 से 22 हाथी पीलीभीत की सीमाएं में आये हुए है और हाथियों ने अपना नया बसेरा टाइगर रिजर्व को बनाया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक हाथियों का झुंड अब जंगल से निकलकर रिहाइशी इलाकों और रोड पर भी आने लगा है। ऐसा ही एक नजारा धनारा घाट रोड पर देखने को मिला है । यहां हाथियों के झुंड को सड़क पर देख ग्रामीण दहशत में है । ग्रामीणों ने हाथियों के झुंड को अपने कैमरे में कैद किया है। हालाँकि पहले भी नेपाल से पीलीभीत में हाथी आ चुके है |
जानकारों के अनुसार करीब 25 दिन पहले 22 नेपाली हाथियों का झुंड नेपाल की शुक्ला पेंटा सेंचुरी से निकलकर पीलीभीत टाइगर रिजर्व में दाखिल हुआ था। तब से यह हाथी जंगल के अंदर ही थे, लेकिन अब ये सड़कों और कई गांवों के आसपास घूमते दिख रहे है। । हालांकि अभी तक कोई जनहानि नहीं हुई है, वही ग्रामीणों को डर है कि यह हाथी कभी उनकी जिंदगी के लिए मुसीबत नहीं बन जाए |स्थानीय मीडिया के मुताबिक जिला प्रशासन ने किसानों के हुए नुकसान के बारे में राजस्व विभाग से रिपोर्ट मांगी है। इसके आधार पर प्रशासन पीड़ितों को मुआवजा देने की योजना बना रहा है |
2019 में पीलीभीत- बरेली में आ चुके है नेपाली हाथी
जानकारी के मुताबिक 9 जुलाई 2019 में 4 नेपाली हाथी पीलीभीत पहुंचे थे जिसमें से दो नेपाल वापस चले गए तो वही दो बरेली पहुँचे थे बाद में कड़ी मसक्कत के बाद इन्हें वापस भेजा गया था। बताया जाता है कि नेपाल के जंगलों से रास्ता भटककर उत्तर प्रदेश की सीमा में घुसे दो जंगली हाथियों ने इस कदर आतंक मचाया कि शासन-प्रशासन को पांच राज्यों के डेढ़ सौ विशेषज्ञों को रेस्क्यू के लिए बुलाना पड़ा है. सुरक्षा के मद्देनजर बरेली के आधा दर्जन गांवों में पीएसी भी लगानी पड़ी है। लखीमपुर खीरी के दुधवा नेशनल पार्क से चार मादा हाथियों को भी पेट्रोलिंग के लिए बुलाया गया था।




