हजारा बीबी को उनके यौमे इंतकाल पर किया गया याद ,जानिए तफ्शीस से कौन थी हजारा बीबी? 

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हजारा बीबी को उनके यौमे इंतकाल पर किया गया याद ,जानिए तफ्सीस से कौन थी हजारा बीबी? 
बरेली|  आल इंडिया तंजीम उलमा-ए-इस्लाम के राष्ट्र महासचिव मौलाना शाहबुद्दीन रजवी ने महान महिला स्वतंत्रा सेनानी हजारा बीबी के यौमे इंतकाल पर तकरीर करते हुए कहा कि आजाद हिंदुस्तान में जो हम आजादी के साथ सांस ले रहे हैं वह यूं ही नहीं है इस को आजाद कराने में हमारे हिंदुस्तानी भाइयों ने बहुत अहम किरदार अदा किया था,जो आज भी सोने के पानी से लिखा हुआ है, लेकिन साथ ही साथ जहां हिंदुस्तान की आजादी के तीन दौर गुज़रे हैं जिसको  जंगे आजादी, जद्दोजहद आजादी और तहरीक ए आजादी के नाम से जाना जाता है मर्दों के साथ साथ खवातीन ने भी आजादी के इस दौर में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया खवातीन में से एक नाम हजारा  बीवी का भी है| 

मौलाना ने उनके बारे में बताते हुए कहा  वह इंदौर जिले के गांव मे पैदा हुई, उनके शौहर मौहम्मद इस्माइल गांधी जी के आंदोलन से वाबस्ता थे और जंगे आजादी व खादी आंदोलन में वह बराबर के शरीक थे,शोहर से मुतासिर होकर के हजारा बीवी ने भी हमेशा खादी पहनी और हिंद की आजादी में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया,1948 में हजारा बीबी के शौहर का इंतकाल हो गया । शौहर के इंतकाल से हजारा बीवी के हौसले पस्त नहीं हुए बल्कि इरादे और बुलंद हुए और उन्होंने इस तहरीक को बढ़-चढ़कर अगले मुकाम तक पहुंचाया हद तो यह है कि अंग्रेज और अंग्रेजीअत से उन्हें इतनी नफरत थी जब उनके बच्चों के दाखिले की बात आई तो लोगों ने उनसे उनके बच्चों के एडमिशन के लिए अंग्रेजी मीडियम के स्कूलों में दाखिला लेने के लिए कहा लेकिन उन्होंने अपने बच्चों का दाखिला हिंदी मीडियम के स्कूल में कराया । अपने शौहर के इंतकाल के बाद उन्होंने खुद भी  खादी की दुकान चलाई| 
 
मौलाना ने आगे कहा कि जब गवर्नमेंट ने उनके शौहर का नाम मुजाहिदीने आजादी में लिखा तो उन्हें जमीन देने की कोशिश की गई हजारा बीवी ने जमीन लेने से इनकार कर दिया और कहा कि हिंदुस्तान की आजादी मैं जमीन के टुकड़े से उसका मोल नहीं नापा जा सकता लिहाजा मैं जमीन को नही लुगी, हद तो यह है कि जो उनकी जाति जमीन थी वह भी उन्होंने हुकूमत  को दे दी इस तरह हजारा बीवी ने तहरीक ए आजादी ए हिंद में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया 16 जून 1994 को इनका इन्तकाल हो गया ।

मौलाना शाहबुद्दीन रजवी ने हिंदुस्तान की युवा पीढ़ी को मुखातिब करते हुए कहा कि हमें भी उनसे प्रेरणा लेकर हुबल वतनी को अपनाना चाहिए और अपने देश के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए, ज़रूरत इस बात की है कि हमे हिंदुस्तान की तरक्की और खुशहाली के लिए काम करे।

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Author: cradmin

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