सुकर्मा योग में मनेगी अक्षय तृतीया, यश वैभव संपदा वृद्धि कारक है यह योग

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आचार्य मुकेश मिश्रा


बरेली। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष में मनाई जाने वाली अक्षय तृतीया इस बार 14 मई शुक्रवार को पड़ रही है। सुकर्मा योग के साथ इस बार कई ग्रहों के अद्भुत संयोग बन रहे हैं। विशेष रुप से यश वैभव धन संपदा कारक है। तृतीया तिथि का मान शुक्रवार को प्रातः काल 5:36 से अगले दिन सुबह 7:59 तक रहेगा। अक्षय तृतीया वर्ष भर के साढे तीन स्वयं सिद्ध मुहूर्त में से एक मुहूर्त माना जाता है। इसे अबूझ मुहूर्त भी कहते हैं। विवाह आदि कोई भी मंगल कार्य इस दिन बिना पूछे कर सकते है। इस दिन भगवान विष्णु माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन सोना चांदी बर्तन खरीदना बहुत ही शुभ दायक माना जाता है। साथ ही दान पुण्य का भी महत्व इस दिन सबसे ज्यादा होता है। अक्षय का अर्थ है जो कभी क्षय न हो ।

-वैज्ञानिक ऊर्जा का रूपांतरण है दान

अंक ज्योतिष के अनुसार 3 को अविभाज्य यानी अक्षय माना जाता है। इसलिए अक्षय तृतीया का महत्व कुछ ज्यादा होता है। इसका अर्थ यह है कि इस दिन किया गया दान अविभाज्य यानी अक्षय है। दान को वैज्ञानिक ऊर्जा के रूपांतरण से जोड़ कर देखा जा सकता है। यानी यह दिन दुर्भाग्य को सौभाग्य में परिवर्तित करने का सर्वश्रेष्ठ दिन है।

-अक्षय तृतीया पर ग्रहों का संयोग

अक्षय तृतीया अबकी बार 14 मई दिन शुक्रवार को है। इस दिन सूर्य का राशि परिवर्तन होने जा रहा है। सूर्य इस दिन मेष राशि से वृष राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के राशि परिवर्तन से इस दिन वृष राशि में सूर्य बुध के संयोग से बुधादित्य योग बनेगा। इस दिन शुक्र स्वराशि वृष में रहेंगे। इस पर शुभ संयोग यह भी बना है इस दिन चंद्रमा उच्च राशि होंगे। आपको बता दें कि चंद्रमा की उच्च राशि वृष है।

-अक्षय तृतीया पर बना है धन योग का संयोग

अक्षय तृतीया पर चंद्रमा का शुक्र के साथ शुक्रवार को वृष राशि में गोचर करना, धन, समृद्धि और निवेश के लिए बहुत ही शुभ फलदायी है। अक्षय तृतीया पर चंद्रमा संध्या काल में मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। मिथुन राशि में इस समय मंगल का संचार हो रहा है। ऐसे में चंद्रमा के मिथुन राशि में आने से यहां धन योग का निर्माण होगा।
-अक्षय तृतीया पर करें पुण्य का निवेश

ग्रहों की इस शुभ स्थिति में अबकी बार अक्षय तृतीया पर स्थायी संपत्ति जैसे जमीन, मकान की खरीदारी करना शुभ फलदायी होगा। इस दिन आप नए कारोबार और काम का आरंभ कर सकते हैं। जो लोग धन का निवेश या पुण्य का निवेश करना चाहते हैं उनके लिए भी दिन उत्तम है। पुण्य का निवेश से मतलब है कि जो लोग पुण्य फल पाना चाहते हैं जिससे अनेक जन्मों में उन्हें धन ऐश्वर्य मिले उनके लिए भी
इस दिन दान करना अनंत गुणा फलदायी माना जाता है।

-अक्षय तृतीया पर दान पुण्य

इस बार ग्रहों के संयोग को देखते हुए अक्षय तृतीया के अवसर पर जल से भरा हुआ घड़ा, शक्कर, गुड़, बर्फी, सफेद वस्त्र, नमक, शरबत, चावल, चांदी का दान करना बेहद शुभ फलदायी रहेगा। अक्षय तृतीया के दिन नए संवत्सर के पंचांग और धार्मिक पुस्तकों और फलों का दान भी पुण्य की वृद्धि करने वाला होगा

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Author: cradmin

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