
ज्योतिषाचार्य पंडित मुकेश मिश्रा
बरेली। गुरु पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार 24 जुलाई, शनिवार को सर्वार्थ सिद्धि योग में गुरु पूर्णिमा मनाई जाएगी। साथ ही प्रीति योग भी इस दिन व्याप्त रहेगा इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग दोपहर 12 बजकर 40 से आरंभ होगा।इस योग का समापन 25 जुलाई को प्रात: 05 बजकर 39 मिनट होगा।
हिन्दू धर्म में गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व है। धर्मग्रंथों के अनुसार, इस दिन वेद व्यास जी का जन्म हुआ था। उन्होंने महाभारत आदि अनेक ग्रंथों और महाकाव्यों की रचना की थी। कौरव और पांडव आदि सभी लोग उन्हें गुरु मानते थे। इसीलिए आषाढ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा या व्यास पूर्णिमा कहा जाता है।
*गुरु पूर्णिमा शुरु होने की कथा*
प्राचीनकाल में जब विद्यार्थी लोग गुरु के आश्रम में शिक्षा ग्रहण करने के लिए जाते थे , तो उस दौरान बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान की जाती थी। विद्या अध्ययन के बदले शिष्य गुरु को पूर्णिमा के दिन श्रद्धा-भाव से प्रेरित होकर अपने गुरु का पूजन करते थे। कहते हैं कि जिस प्रकार आषाढ की घटा बिना भेद-भाव के सभी लोगों पर जल वृष्टि करती है और जन-जन का ताप हरती है उसी प्रकार दुनिया के सभी गुरू अपने शिष्यों पर इस पावन दिन में आशीर्वाद की वर्षा करते हैं।
*गुरु पूर्णिमा विशेष महत्व*
आषाढ मास की पूर्णिमा के दो प्रकार हैं। पहला तो यह कि पूर्णिमा तिथि सभी तिथियों में सबसे बड़ी मानी जाती है। इस तिथि में चंद्र की कला और ग्रह-नक्षत्र विशेष संयोग लिए हुए रहते हैं। वहीं दूसरा यह है कि इस दिन से सावन मास की शुरुआत होती है। शास्त्रों में इस दिन का विशेष महत्व है। क्योंकि आषाढ पूर्णिमा के दिन अवंतिका में अष्ट महाभैरव की पूजन की कई किवदंतियां हैं। इस दिन गुरुओं के श्रीचरणों का पूजन करने का भी विधान है। गुरु पद पूजन परंपरा का निवाह इसलिए करते हैं कि ताकि विद्यार्थियों में ब़द्धि की वृद्धि हो सके।
*गुरु पूजा से बढ़ेगी सुख समृद्धि*
इस दिन यदि अपने-अपने गुरुओं की पूजा करें और पूर्णिमा का दिन अपने गुरु के लिए समर्पित करें तो इससे सृष्टि के तीनों मुख्य देव ब्रह्मा, विष्णु और महेश सभी आपके ऊपर कृपा करेंगे और घर में सुख-समृद्धि के साथ-साथ पैसों की कोई कमी नहीं रहेगी। तथा हमेशा घर में सकारात्मक शक्तियां वास करेंगी।




