
प्रांजल गुप्ता
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के रहने वाले सिमरनजीत सिंह ने टोक्यो ओलंपिक में जर्मनी के खिलाफ तीन गोल करके ना केवल भारतीयों का दिल जीता बल्कि पीलीभीत के लोगो का सीना भी चौड़ा कर दिया | सिमरन का परिवार पीलीभीत के छोटे से गांव मजारा में खेती करके पालन पोषण करता है | मिली जानकारी के अनुसार सिमरनजीत सिंह के पिता इकबाल सिंह की माली स्थिति अच्छी नहीं थी जिसके चलते उन्होंने सिमरन को पंजाब में अपने एक नजदीकी रिश्तेदार के घर भेज दिया |
सिमरन ने पीलीभीत में की है अपनी शुरूआती पढ़ाई
सिमरनजीत सिंह के पिता इकबाल सिंह के मुताबिक उनके अपने बड़े बेटे सिमरनजीत सिंह ने शुरूआती पढ़ाई गांव के ही SK PUBLIC SCHOOL में की , उसके बाद उन्होंने सिमरन को बेहतर पढ़ाई के लिए पंजाब में अपने एक नजदीकी रिश्तेदार के पास भेज दिया| सिमरनजीत सिंह पंजाब में अपने दो भाई और एक चचेरी बहन के साथ रहते हैं| सिमरनजीत सिंह का छोटा भाई ऑस्ट्रेलिया चला गया और चचेरी बहन सिमरत कौर पीलीभीत में ही रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रही है|

इण्डिया की जीत के लिए पूरे परिवार ने की थी दुआएं
सिमरन के परिवार ने बताया कि उनका परिवार बुधवार की रात सोया नहीं है | और परिवार में इण्डिया और सिमरन की जीत के लिए परिवार रात भर पूजा पाठ करता रहा | इस दौरान परिवार कमी सिमरनजीत से बातचीत हुई | उनका यह भी कहना था की रब उनकी सुन ली | उनका बेटा बेहतर खेला और भारत ने पदक भी हासिल किया |
सिमरन ने जूनियर विश्व कप में भी दिखाया था अपना जलवा
सिमरनजीत सिंह की बदौलत भारतीय टीम ने जर्मनी की टीम को नजदीकी अंतर से हरा दिया , सिमरन ने इस मैच में दो गोल किये | सिमरन के संयुक्त परिवार में खुशियों का माहौल है| सभी को अपने परिवार के सदस्य सिमरन पर गर्व है | वही सिमरनजीत सिंह 2016 में जूनियर विश्वकप हॉकी टीम का सदस्य रहे है और उन्होंने फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ दो गोल भी दागे थे जिसके चलते भारतीय टीम ने जूनियर विश्व कप जीती थी , बाद में सिमरन का चयन सीनियर टीम में हो गया था |
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