बरेली। दरगाह हजरत नासिर मियां (रह.) के नए सज्जादानशीन के रूप में हजरत ख्वाजा सलमान अहमद नासरी उर्फ ख्वाजा सलमान मियां का चयन किया गया है। दरगाह परिसर में आयोजित बाअदब रस्म-ए-दस्तारबंदी कार्यक्रम में सैकड़ों मुरीदों, अकीदतमंदों और उलेमा-ए-किराम ने शिरकत कर उन्हें मुबारकबाद दी।
दस्तारबंदी की रस्म खानकाहे वामीखिया के सज्जादानशीन हजरत असलम मियां वामीखी ने अदा की। इसके बाद दरगाह से जुड़े तमाम इंतजामात और जिम्मेदारियां ख्वाजा सलमान मियां को सौंप दी गईं। वहीं, वसीम सुल्तानी को क़ायम-मक़ाम साहिब-ए-सज्जादानशीन की जिम्मेदारी दी गई। उनकी दस्तारबंदी ख्वाजा सलमान मियां ने की।
ख्वाजा सलमान मियां दीनी और दुनियावी उलूम के जानकार और मुस्तनद आलिम-ए-दीन बताए जाते हैं। उन्हें हुजूर ख्वाजा सुल्तान अहमद मियां की ओर से खिलाफत और इजाजत-ए-सिलसिला भी हासिल है।
नए सज्जादानशीन ने कहा कि दरगाह की पुरानी रवायतें, लंगर का एहतमाम, शूरा और खादिमों के हुकूक पहले की तरह कायम रहेंगे। उन्होंने दरगाह की परंपराओं को आगे बढ़ाने और अकीदतमंदों की खिदमत को प्राथमिकता देने की बात कही।
दरगाह के सज्जादानशीन के सिलसिले में प्रथम सज्जादानशीन हजरत अल्लामा ख्वाजा शाह फैजान अहमद नासिरी साबरी, द्वितीय हजरत ख्वाजा गुफरान अहमद नासिरी साबरी और तृतीय हजरत ख्वाजा सुल्तान अहमद नासिरी साबरी चिश्ती अल-कादरी रहे। अब हजरत ख्वाजा सलमान अहमद नासिरी साबरी चिश्ती अल-कादरी ने यह जिम्मेदारी संभाली है।
कार्यक्रम में ख्वाजा शायान अहमद, ख्वाजा अफनान अहमद, समाजसेवी पम्मी खान वारसी, सरवत अली, आलिम सुल्तानी, साबिर सुल्तानी, हिफ्जान सुल्तानी, राजू सुल्तानी, अहसान सुल्तानी, वसीम नासिरी, सूफी कमाल मियां, सूफी वसीम, शाहिद रजा नूरी, शारिक फरीद, आमिर नासिरी, फहीम यार खान, बब्बू भाई, काशिफ अयाज, तैय्यब अली और साद अल्ताफ समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
अंत में देश में अमन-ओ-अमान, तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआ की गई। इसके बाद अकीदतमंदों के बीच तबर्रुक तकसीम किया गया।



