खबर का सच  : तेजी बच्चन के  झुमके ने बरेली को दी नई पहचान , निरंकार सेवक  थे हरिवंश और तेजी के कहानी के हीरो 

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भीम मनोहर

उत्तर प्रदेश का बरेली जिला पूरे विश्व में झुमका सिटी के तौर पर अपनी पहचान रखता है | यहां  आने वाले लोग बरेली में झुमका से जुड़े इतिहास को ढूँढना चाहते है | लेकिन आज तक इस बात को पक्के तौर पर  नहीं कहा सकता , आखिर बरेली झुमका के लिए प्रसिद्ध क्यों है ? क्या बरेली में झुमका का निर्माण किया जाता है ? क्या बाहर की बाजारों से खरीदकर झुमका को बरेली की बाजार तक लाया जाता है और यहां पहुंचने वाले लोगो को झुमका बरेली का बताकर बेचा  जाता है | यहां फिर बरेली के सर्राफ झुमका का खुद ही निर्माण करते है और उनकी कारीगीरी उन्हें उनके काम को विशेष पहचाना दिलाती है या फिर भारतीय फिल्मकारों ने यहां के झुमका बाजार को नया आयाम दिया | फिलहाल न्यूज वॉक्स इण्डिया ने बरेली के झुमका से जुड़ी किंवदंती जानने की कोशिश की | 

तेजी बच्चन का बरेली की बाजार में खोया था झुमका

फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन के पिता हरिवंश राय बच्चन का बरेली से विशेष रिश्ता रहा है। हरिवंश राय अक्सर मौका निकालकर प्रसिद्ध साहित्यकार निरंकार देव सेवक के घर आया करते थे | बताया यह भी जाता है कि हरिवंश राय और तेजी सूरी की मुलाकात बरेली में हुई थी और उनका रिश्ता  साहित्कार निरंकार देव और उनके एक मित्र ने कराया था ।उस समय तेजी सूरी उर्फ़ तेजी बच्चन शादी से पहले पाकिस्तान के शहर लाहौर से बरेली आई थी , जब वह  बरेली पहुंची तो उनके कानों का झुमका कही गिर गया लेकिन उन्हें पता भी नहीं चला की उनकी कही झुमका गिर गया है बाद में उनके साथ लाहौर से आई उनकी सहेली ने उनके कानों की तरफ देखा तो पता चला की उनका झुमका कही गिर गया है | इसके बाद यह बाद मुंबई तक जा पहुंची और एक फिल्म में इस घटना को एक गाने के रूप में जनता के सामने परोस दिया गया | गाना बहुत प्रसिद्ध हुआ और यहां के झुमका व्यापार को एक नई पहचान मिल गई | कुछ लोग तो यह भी बताते है कि फिल्म मेरा साया  का गीत झुमका गिरा बरेली की बाजार में आलमगिरी गंज में शूट हुआ इसके बाद बरेली को और भी प्रसिद्धि मिली | 

खबर का सच  : तेजी बच्चन के  झुमके ने बरेली को दी नई पहचान , निरंकार सेवक  थे हरिवंश और तेजी के कहानी के हीरो 

क्या कहती है निरंकार देव सेवक की पुत्रबधु पूनम सेवक

 
साहित्कार निरंकार देव सेवक की पुत्रवधु  पूनम सेवक बताती है कि हरिवंश राय बच्चन बरेली आया करते थे | पूनम सेवक यह भी बताती है कि उन दिनों तेजी सूरी अपनी एक सहेली के साथ बरेली में आयोजित एक कार्यक्रम में आई थी | इसी दौरान कार्यक्रम के बाद  आदित्य प्रकाश जौहरी और निरंकार देव में यह  बात चली की तेजी और हरिवंश की शादी हो जाए तो अच्छा रहेगा , लेकिन दोनों ने इस बात का जबाव नहीं दिया  बाद में दोनों को निरंकार सेवक जी घर दोनों को अकेले में छोड़ दिया गया इसके बाद दोनों ने शादी की हामी भर दी | इसके बाद यह शादी  किसी और जगह हुई | पूनम जी यह भी बताती है कि आदित्य प्रकाश जौहरी या किसी अन्य के घर के हो रहे कार्यक्रम में तेजी बच्चन अपनी सहेली के साथ घूमने गई थी इसी दौरान तेजी की एक झुमकी बाजार में गिर गई | इसके बाद एक गाना बना और बरेली की झुमका चर्चा में आ गया | 


बरेली के सर्राफ बाजार में तैयार होता है झुमका
 

बरेली के प्रसिद्ध सर्राफ व्यापारी अनिल मराठा बताते है कि बरेली की झुमकी हल्की और बड़े आकार में होती है इसलिए लोग बरेली की झुमकी ज्यादा पहनना पसंद करते है और इनका निर्माण भी बरेली में होता है | देश के अन्य जगहों की बनी झुमकी बजन में काफी भारी होती है |

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Author: cradmin

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