बरेली। पटाखों से जुड़े हादसों के बाद बरेली में आतिशबाजी के कारोबार को लेकर प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। गुरुवार को बहेड़ी में अधिकारियों की टीम ने अचानक पटाखा दुकानों और स्टोरेज प्वाइंट्स की जांच शुरू कर दी। निरीक्षण के दौरान लाइसेंस से लेकर पटाखों के स्टॉक और सुरक्षा व्यवस्था तक कई बिंदुओं पर पड़ताल की गई। कार्रवाई की भनक लगते ही कुछ कारोबारी अपनी दुकानें बंद कर वहां से चले गए।

एसडीएम गोपाल शर्मा और सीओ अरुण कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ टीम ने पटाखा बिक्री केंद्रों और भंडारण स्थलों का निरीक्षण किया। दुकानदारों से बिक्री की अनुमति, लाइसेंस और अन्य जरूरी कागजात दिखाने को कहा गया। इसके साथ ही स्टॉक रजिस्टर में दर्ज मात्रा और मौके पर रखे पटाखों का मिलान किया गया।
अधिकारियों ने यह भी देखा कि पटाखों का भंडारण निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं। आग से बचाव के लिए उपलब्ध संसाधनों और अन्य सुरक्षा इंतजामों की भी जांच की गई। प्रशासन ने कारोबारियों को नियमों के मुताबिक ही पटाखों की बिक्री और भंडारण करने की हिदायत दी।
नवीनीकरण नहीं हुए लाइसेंस पर भी नजर
डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि पटाखा कारोबार से जुड़े सभी प्रतिष्ठानों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण और थोक कारोबार करने वाली इकाइयों के साथ-साथ खुदरा दुकानों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
उन्होंने अधिकारियों को विशेष रूप से उन दुकानों की जांच करने को कहा है, जिनके लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हुआ है। डीएम ने यह भी पता लगाने के निर्देश दिए कि कहीं बिना नवीनीकरण के कोई दुकान अभी भी संचालित तो नहीं हो रही है।
डीएम के मुताबिक फील्ड निरीक्षण की लिखित रिपोर्ट के साथ मौके की तस्वीरें भी मांगी गई हैं। शनिवार या सोमवार को अभियान की समीक्षा कर यह देखा जाएगा कि अधिकारियों को दिए गए निर्देशों पर कितना अमल हुआ। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



