बरेली। शहर के नवोदय अस्पताल में शनिवार को निर्माणाधीन हिस्से में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। एहतियात के तौर पर अस्पताल में भर्ती मरीजों को आनन-फानन में दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। इस दौरान मरीजों को बिना ऑक्सीजन शिफ्ट किए जाने की बात भी सामने आई है।

जानकारी के मुताबिक नवजात बच्चों समेत करीब 30 मरीजों को प्रताप और राधिका अस्पताल में भेजा गया। आग की घटना के कारण आसपास के इलाके में भी हड़कंप की स्थिति रही और मिनी बाईपास मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट अथवा निर्माण कार्य के दौरान आग लगने की आशंका जताई जा रही है।

अस्पताल प्रबंधन से जुड़े महेंद्र कुमार ने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। मरीजों को सुरक्षा के लिहाज से पड़ोस के अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है।
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। मामले की जांच के लिए नोडल अधिकारी को मौके पर भेजा जा रहा है। वहीं फायर अधिकारी मनु शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही दमकल की टीम पहुंच गई थी और कुछ ही देर में आग बुझा दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माणाधीन हिस्से में चल रहे कार्य के कारण आग लगने की संभावना है। अस्पताल प्रबंधन की संभावित लापरवाही की भी जांच की जाएगी।
मिनी बाईपास के अस्पताल भी प्रशासन के रडार पर
नवोदय अस्पताल में हुई घटना के बाद मिनी बाईपास क्षेत्र में संचालित अन्य अस्पतालों की व्यवस्थाओं को लेकर भी प्रशासन सक्रिय हो गया है। स्वास्थ्य विभाग और दमकल विभाग की संयुक्त टीम द्वारा क्षेत्र के अस्पतालों में फायर सेफ्टी समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जांच किए जाने की तैयारी है।

सूत्रों के मुताबिक नवोदय से मिलता-जुलता नाम रखने वाला एक अन्य अस्पताल भी जांच के दायरे में आ सकता है। इस अस्पताल के पास लंबे समय से फायर एनओसी नहीं होने की चर्चा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि अस्पताल के पास आवश्यक अग्निशमन अनुमति नहीं है तो वह अब तक किन परिस्थितियों में संचालित हो रहा था। प्रशासन की संयुक्त जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।



