बरेली। नगर निगम बरेली जिले में करीब 330 पार्कों का संरक्षण करता है, लेकिन शहर के कई पार्क आज भी मूलभूत सुविधाओं और नियमित देखरेख से वंचित हैं। कुछ पार्क ऐसे हैं जिनकी जिम्मेदारी अब कॉलोनीवासियों के कंधों पर आ गई है। Newsvoxindia.com की पड़ताल में शहर के अलग-अलग पार्कों की तस्वीर सामने आई, जहां कहीं बेहतर व्यवस्थाएं दिखीं तो कहीं बदहाली और लापरवाही साफ नजर आई।

गांधी उद्यान बना नगर निगम का मॉडल पार्क
शहर के सबसे सुंदर और व्यवस्थित पार्कों में शामिल गांधी उद्यान पर नगर निगम विशेष ध्यान देता दिखाई देता है। साफ-सफाई, सुरक्षा और सुविधाओं के लिहाज से यह पार्क शहर में नंबर-1 माना जा सकता है। पार्क में शौचालयों की बेहतर व्यवस्था है और पेड़-पौधों की स्थिति भी अच्छी मिली।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए यहां नियमित पुलिस गश्त होती है। पार्क के मुख्य गेट पर चार सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि नगर निगम की ओर से चार चौकीदार भी तैनात किए गए हैं। पार्क में आने वाले लोगों ने बताया कि यहां सुरक्षा को लेकर कोई बड़ी दिक्कत नहीं है, हालांकि शौचालयों की सफाई दिन में दो बार हो जाए तो व्यवस्था और बेहतर हो सकती है।वर्षों से बंद पड़ा फाउंटेन भी अब दोबारा दुरुस्त किया जा रहा है। हालांकि पार्क के कुछ हिस्सों में कूड़े के ढेर भी नजर आए। वहीं हर साल 14 फरवरी को यहां पुलिस और हिंदू संगठनों की विशेष निगरानी रहती है ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न फैल सके।

कर्मचारी नगर विस्तार कॉलोनी का पार्क बदहाल
Newsvoxindia.com की टीम ने कर्मचारी नगर विस्तार कॉलोनी में बने पार्क का भी जायजा लिया। यहां नगर निगम द्वारा ओपन जिम और लाइटों की व्यवस्था तो की गई है, लेकिन ओपन जिम की हालत बेहद खराब मिली। जिम की कई मशीनें टूटी हुई हैं और आधे से ज्यादा उपकरणों को मरम्मत की जरूरत है।पार्क में नियमित माली की व्यवस्था नहीं है, जिससे हरियाली प्रभावित हो रही है। महिलाओं की सुरक्षा का जिम्मा भी पुलिस व्यवस्था पर ही निर्भर दिखाई दिया।

एसएसपी आवास के पास पार्क में दिखी लापरवाही
कैंट थाना क्षेत्र में एसएसपी आवास के पास स्थित पार्क को इन दिनों नगर निगम द्वारा दुरुस्त किया जा रहा है। पार्क में रंग-रोगन का काम जारी है, लेकिन इसके बावजूद वहां कई जगह कूड़े के ढेर पड़े मिले।यूपी के पहले मुख्यमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत की मूर्ति के नीचे लगे पत्थर टूटे पड़े हैं। इसके अलावा पार्क में लगा यूकेलिप्टस का एक बड़ा पेड़ गिरने की स्थिति में पहुंच चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो यह किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

रखरखाव और सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
शहर के पार्कों की स्थिति यह साफ करती है कि नगर निगम कुछ चुनिंदा पार्कों पर विशेष ध्यान दे रहा है, जबकि कई पार्क नियमित देखरेख और सुविधाओं के अभाव में बदहाल हो रहे हैं। शहरवासियों का कहना है कि यदि सभी पार्कों में समान रूप से सफाई, सुरक्षा और रखरखाव की व्यवस्था हो तो ये पार्क लोगों के लिए बेहतर सार्वजनिक स्थल बन सकते हैं।
नगर आयुक्त संजीव मौर्य ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में कुल 330 पार्क हैं। इन पार्कों की साफ-सफाई, सुंदरता और देखरेख के लिए समय-समय पर काम कराया जाता रहता है। उन्होंने कहा कि पार्कों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आसपास के लोगों से भी पार्क गोद लेकर उसकी देखभाल करने की अपील की जा रही है। वहीं बड़े पार्कों में सुरक्षा के लिए गार्ड लगाए गए हैं और स्थानीय थानों की मदद से नियमित पेट्रोलिंग भी कराई जा रही है।




