बरेली। कानून के क्षेत्र में सेवा, ईमानदारी और जन समर्पण की मिसाल बने वरिष्ठ अधिवक्ता सूर्य प्रकाश ‘देशप्रेमी’ आज पूरे बरेली मंडल में अपनी अलग पहचान रखते हैं। 250 रुपये में जमानत कराने वाले और अब तक एक लाख से अधिक 151 की जमानतें दिला चुके देशप्रेमी वकील जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की किरण बने हुए हैं।

खास बात यह है कि जिन लोगों के पास जमानत के लिए पैसे नहीं होते, उनकी जमानत वे निःशुल्क भी कराते हैं।देशप्रेमी वकील की इस जनसेवा भावना के कारण बरेली सहित आसपास के जिलों से रोजाना बड़ी संख्या में लोग उन्हें पूछते हुए पहुँचते हैं। वे दिन भर स्कूटी पर रहकर लोगों को कानूनी सलाह देते हैं और हर संभव सहायता करने का प्रयास करते हैं। आम आदमी की परेशानी को समझना और तुरंत राहत दिलाना उनकी कार्यशैली की पहचान है।
सूर्य प्रकाश देशप्रेमी विचारधारा से भी पूरी तरह स्पष्ट हैं। वे स्वयं को अम्बेडकर वादी मानते हैं और संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर के प्रति विशेष सम्मान रखते हैं। उनका मानना है कि संविधान का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाना है और वे इसी सोच के साथ वकालत करते हैं।

ईमानदारी से कभी समझौता न करने वाले देशप्रेमी ने सरकारी नौकरी में भ्रष्टाचार को देखकर अपनी पहली नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद उन्होंने वकालत को जनसेवा का माध्यम बनाया। कांग्रेस नेता के रूप में भी उन्होंने एक देशप्रेमी और साफ-सुथरी छवि वाले नेता के तौर पर अपनी पहचान बनाई है।
कॉलेज के दिनों में दोस्तों ने उनके राष्ट्रप्रेम, विचार और व्यवहार को देखते हुए उन्हें ‘देशप्रेमी’ उपनाम दिया था, जो आज उनकी स्थायी पहचान बन चुका है। उनका पारिवारिक जीवन भी प्रेरणादायक है। देशप्रेमी के बच्चे आज अच्छी जगहों पर नौकरी कर रहे हैं और उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
आज बरेली मंडल में सूर्य प्रकाश देशप्रेमी को 250 रुपये में जमानत कराने वाले, एक लाख से अधिक लोगों को न्याय दिलाने वाले ईमानदार वकील के रूप में जाना जाता है। उनके लिए कानून केवल पेशा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और मानवता की सेवा का सशक्त माध्यम है।




