बरेली। फतेहगंज पूर्वी थाना क्षेत्र के हरेली अलीपुर गांव में गाली-गलौज के विरोध में शुरू हुआ एक विवाद देखते ही देखते ऐसी त्रासदी में बदल गया, जिसने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। आपसी मारपीट और भगदड़ के बीच एक तीन माह का मासूम अपनी जान गंवा बैठा। घटना के बाद गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल है, जबकि पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

परिजनों के अनुसार, शुक्रवार को गांव निवासी रामकिशन के घर के बाहर वीरपाल अपने कुछ साथियों के साथ खड़ा होकर अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहा था। जब रामकिशन ने इसका विरोध किया तो कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि कुछ ही देर में वीरपाल के साथ राजेश सक्सेना, अर्जुन, अंकुश और विनीत भी मौके पर पहुंच गए और विवाद मारपीट में बदल गया।
हंगामे के दौरान रामकिशन की मां अपने तीन माह के पौत्र को गोद में लेकर घर से बाहर निकलीं। इसी बीच मारपीट के बाद मौके से भाग रहे वीरपाल का धक्का उन्हें लग गया। परिजनों का आरोप है कि धक्के से मासूम उनकी गोद से छूटकर जमीन पर गिर पड़ा। बच्चे के सिर में गंभीर चोट लगने के बाद परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल में चिकित्सकों ने बच्चे को बचाने का प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। तीन माह के मासूम की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। जिस घर में बच्चे की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब चीख-पुकार और सन्नाटा है।
घटना की जानकारी मिलते ही फतेहगंज पूर्वी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मुख्य आरोपी वीरपाल पुत्र द्वारिका प्रसाद को हिरासत में ले लिया है। वहीं वीरपाल समेत अन्य नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
फतेहगंज पूर्वी इंस्पेक्टर राजकुमार ने बताया कि बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मुख्य आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एक छोटी सी कहासुनी और गाली-गलौज का विरोध आखिरकार एक मासूम की मौत की वजह बन गया। अब पूरे गांव में यही चर्चा है कि अगर विवाद को समय रहते शांत कर लिया जाता, तो शायद एक परिवार की गोद सूनी नहीं होती।




