बरेली। आमतौर पर चोरों की नजर नकदी, जेवरात या अन्य कीमती सामान पर होती है, लेकिन बरेली पुलिस ने ऐसे दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है जिनकी पसंद कुछ अलग थी। ये आरोपी दुकानों से नोटों के हार और नए नोटों की गड्डियां चोरी करने को ही अपना निशाना बनाते थे। पुलिस ने दोनों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक आरोपी के पैर में गोली लगी है।
पुलिस के मुताबिक 9 जून को सिरौली और अलीगंज थाना क्षेत्रों में दुकानों से नोटों की मालाएं और नए नोटों की गड्डियां चोरी होने की दो घटनाएं सामने आई थीं। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो दोनों वारदातों में एक ही बाइक और एक जैसे संदिग्ध दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुट गई।

गुरुवार तड़के अलीगंज-सिरौली मार्ग पर चेकिंग के दौरान पुलिस को बाइक सवार दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो दोनों भागने लगे। पुलिस का दावा है कि पीछा किए जाने पर आरोपियों ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में साहिल मलिक के पैर में गोली लग गई, जबकि उसके साथी धर्मेंद्र कुमार यादव को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने दोनों के कब्जे से चोरी की गई दो नोटों की मालाएं, अवैध तमंचा, कारतूस और घटना में प्रयुक्त स्प्लेंडर बाइक बरामद की है। पूछताछ में दोनों आरोपियों के संभल जनपद के निवासी होने की जानकारी सामने आई है।
क्षेत्राधिकारी नितिन कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस उनके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
इस पूरे मामले की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि बदमाश नकदी या अन्य कीमती सामान छोड़कर दुकानों में सजावट और लेन-देन के लिए रखे नोटों के हार तथा नई नोटों की गड्डियों को ही निशाना बना रहे थे। :::




