बरेली। उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में अधिवक्ताओं के साथ लगातार हो रही उत्पीड़न की घटनाओं ने कानून व्यवस्था और न्यायपालिका के वातावरण को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। विशेष रूप से बनारस में हाल ही में हुई घटनाओं से अधिवक्ता समाज में गहरी नाराजगी है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज हरित के नेतृत्व में आज अधिवक्ताओं ने कलक्ट्रेट गेट पर जमकर नारेबाजी की और राज्य सरकार तथा प्रशासन के ध्यानाकर्षण के लिए ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस मौके पर बार सचिव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

अधिवक्ताओं की नाराजगी को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) अविनाश सिंह खुद मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं का ज्ञापन लिया। अधिवक्ताओं ने दोषी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि उत्पीड़न की घटनाओं पर प्रभावी रोक नहीं लगी, तो वे व्यापक कानूनी और संवैधानिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
अधिवक्ताओं ने सरकार से एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट शीघ्र लागू करने की भी मांग की, ताकि उन्हें सुरक्षा, सम्मान और विश्वास की भावना सुनिश्चित हो सके। उनका कहना है कि लगातार उत्पीड़न से न्यायपालिका की गरिमा पर प्रभाव पड़ रहा है और विधि के शासन को खतरा है।

इस घटनाक्रम ने पूरे प्रदेश में अधिवक्ताओं और कानून व्यवस्था के दृष्टिकोण से चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन और सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि वे दोषी अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी दिशा-निर्देश जारी करें।
ज्ञापन के दौरान यह भी रहे मौजूद
ज्ञापन देने के दौरान अधिवक्ताओं में धनंजय हरित ,शिवम पाठक ,शमा परवीन ,शिवम तोमर ,दीपक सिंह , इस्लाम अंसारी ,नमन दुबे , मध्यम सक्सेना सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।




