सादगी, संघर्ष और पारदर्शिता के एजेंडे के साथ सचिव पद की दौड़ में शंकर कुमार सक्सेना

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बरेली। बरेली बार एसोसिएशन के चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे सचिव पद के लिए मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। इसी क्रम में सचिव पद के प्रत्याशी शंकर कुमार सक्सेना साधे हुए कदमों के साथ लगातार अधिवक्ताओं के बीच जनसंपर्क कर रहे हैं। वे सादगीपूर्ण तरीके से प्रत्येक चैंबर में पहुंचकर अधिवक्ताओं को अपनी नीतियों से अवगत करा रहे हैं और साथ ही साथियों के सुझाव भी गंभीरता से सुन रहे हैं।

 

बार चुनाव में इस बार “नो रिपिटीशन” का मुद्दा भी जोर पकड़ रहा है, जिसे लेकर अधिवक्ताओं के बीच व्यापक चर्चा है। शंकर कुमार सक्सेना पूर्व में भी बरेली बार एसोसिएशन की कार्यप्रणाली और नीतियों को लेकर मुखर रहे हैं। उन्होंने कई बार पदाधिकारियों की गलत नीतियों का विरोध किया, आंदोलन किया और अधिवक्ताओं के हितों की आवाज बुलंद की।

शंकर कुमार सक्सेना का कहना है कि यदि उन्हें सचिव पद की जिम्मेदारी मिलती है तो बरेली बार में सुचारू और पारदर्शी व्यवस्था उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी कार्य टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से कराए जाएंगे, चैंबरों का विधिवत आवंटन किया जाएगा और बरेली बार एसोसिएशन को शीघ्र ही बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश, प्रयागराज से संबद्ध कराया जाएगा।

उन्होंने मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान सचिव द्वारा एफिलिएशन संबंधी प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए गए, पिछले छह माह का आय-व्यय विवरण सार्वजनिक नहीं हुआ और न ही ऑडिट कराया गया। शंकर कुमार सक्सेना का दावा है कि उनके चुने जाने के बाद पारदर्शिता के साथ नियमावली के अनुरूप सभी लंबित व नए कार्य अधिवक्ताओं के सुझावों के आधार पर पूरे किए जाएंगे।

गौरतलब है कि बरेली बार एसोसिएशन के चुनाव 05 जनवरी को संपन्न होंगे, जबकि मतगणना 06 जनवरी को की जाएगी। ऐसे में सचिव पद के लिए प्रत्याशियों की सक्रियता और जनसंपर्क ने चुनावी माहौल को और अधिक गर्मा दिया है।

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Author: newsvoxindia

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