बरेली।भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने मंगलवार को नेहरू युवा केंद्र में किसान महापंचायत की अगुवाई की। इस दौरान उन्होंने किसानों की समस्याओं को सुना और सरकार पर तीखे प्रहार किए।

टिकैत ने कहा कि बीडीए और प्रशासनिक अधिकारियों को चेताने के लिए यह पंचायत आयोजित की गई है। उन्होंने याद दिलाया कि ठीक 20 साल पहले इसी तारीख को बरेली में किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया था और आज भी वही हालात बने हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां किसानों को नुकसान पहुँचाने वाली हैं। बिजली-पानी मुफ्त नहीं मिल रहा, गौशालाओं के नाम पर किसानों के खेतों में आवारा पशु छोड़े जा रहे हैं और जीएसटी कम करने की बात सिर्फ जनता को गुमराह करने का साधन है।
उन्होंने कहा, “किसानों को सतर्क रहना होगा। केंद्र सरकार की निगाह किसानों की जमीन पर है, जिसे पूंजीपतियों के हवाले किया जा रहा है। हम अधिकारियों को आगाह कर रहे हैं कि किसानों के खिलाफ न जाएं, वरना बड़ा आंदोलन होगा।”
महापंचायत में रोजगार और शिक्षा को लेकर भी टिकैत ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि रोजगार छीना जा रहा है और स्कूल बंद किए जा रहे हैं। राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि वोट चोरी कोई नई बात नहीं है, यह 2013 के चुनावों से ही शुरू हो गई थी और मौजूदा सरकार भी बेईमानी से सत्ता में आई है।
महापंचायत में हजारों किसान शामिल हुए और टिकैत के समर्थन में नारे लगाए। उन्होंने साफ कहा कि यदि सरकार और अधिकारी किसानों की समस्याओं की अनदेखी करते रहे, तो आंदोलन की राह और कड़ी होगी।



