बरेली।

शोभायात्रा का शुभारंभ सिटी सब्जी मंडी स्थित प्राचीन भगवान वाल्मीकि मंदिर से हुआ। इसे मुख्य अतिथि सांसद छत्रपाल सिंह, विधायक संजीव अग्रवाल और मेयर उमेश गौतम ने शोभायात्रा अध्यक्ष अंशु आर्य और स्वागत अध्यक्ष योगेश कुमार बंटी के साथ संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

यात्रा का मार्ग बिहारीपुर, किशोर बाजार, जीआईसी रोड, कोतवाली मार्ग, रोडवेज, कालीबाड़ी, श्यामगंज बाजार, माधवबाड़ी मार्ग होते हुए ब्रह्मपुरा वाल्मीकि सद्भावना मेला स्थल तक रहा। वहां मेला अध्यक्ष मनोज थपलियाल ने सभी का भव्य स्वागत किया। वापसी में शोभायात्रा जाटवपुरा, शिवाजी मार्ग, कुतुबखाना से होते हुए पुनः मंदिर स्थल पहुंचकर संपन्न हुई।

इस दौरान मनोहर झांकियों ने जनसमूह का मन मोह लिया। चंदौसी का प्रसिद्ध माता काली अखाड़ा, दिल्ली, मुरादाबाद और बदायूं की झांकियां, भगवान वाल्मीकि और लव-कुश की झांकी, सर्व धर्म एकता समिति का एकता रथ, तथा आर्य परिवार की राष्ट्रप्रेम पर आधारित झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। झांकी में सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंधूर का शानदार चित्रण किया गया।
सामाजिक सौहार्द का नजारा भी शोभायात्रा में देखने को मिला। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी समुदायों के लोग कंधे से कंधा मिलाकर यात्रा में शामिल हुए। जगह-जगह पुष्पवर्षा, शरबत, मिष्ठान वितरण और सेवा कैंप लगाए गए।
लगभग लाखों की संख्या में श्रद्धालु शोभायात्रा में शामिल हुए। बरेली कॉलेज चौराहा पर श्रद्धालु मोबाइल फ्लैशलाइट जलाकर भगवान वाल्मीकि के जयकारे लगाते नजर आए। यात्रा में शामिल डीजे और भजनों की धुनों पर लोग नाचते-गाते आगे बढ़े।
शोभायात्रा की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए थे।
इस अवसर पर सांसद, विधायक, मेयर, नगर के राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट झांकियों को पुरस्कृत किया गया और शोभायात्रा अध्यक्ष अंशु आर्य ने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह शोभायात्रा एकता, समरसता और भाईचारे का प्रतीक है।




