बरेली। समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा निशाना साधा। सोमवार को बरेली स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि भगवान राम भी भाजपा से नाराज़ हैं और इसका असर चुनावी नतीजों में दिखाई दे चुका है।

उन्होंने कहा कि देशभर के उद्योगपतियों और करोड़ों श्रद्धालुओं ने राम मंदिर निर्माण के लिए उदारतापूर्वक दान दिया, लेकिन इसके बावजूद मंदिर में बारिश के दौरान छत से पानी टपकने और चारदीवारी को नुकसान पहुंचने जैसी बातें सामने आईं। उनका दावा था कि इन घटनाओं से लोगों में नाराजगी बढ़ी और लोकसभा चुनाव में भाजपा को अयोध्या सीट पर हार का सामना करना पड़ा।
लाल बिहारी यादव ने कहा कि यदि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो मदरसों की जांच के नाम पर किसी प्रकार का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मदरसा शिक्षकों का मानदेय दोबारा शुरू किया जाएगा और शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर अभ्यर्थियों को होने वाली परेशानियों का भी समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले ही अपनी मंशा स्पष्ट कर चुके हैं।
राम मंदिर चढ़ावा मामले का जिक्र करते हुए लाल बिहारी यादव ने कहा कि अखिलेश यादव ने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की जांच कर रही एसआईटी सहित विभिन्न जांच एजेंसियां सरकार के अधीन कार्य कर रही हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट के संचालन में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए पूरे मामले की पारदर्शी जांच होनी चाहिए।




