बरेली। रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को लेकर चल रही प्रशासनिक कार्रवाई के बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण पर रोक लगाने की मांग उठाई है। मंगलवार को पार्टी के जिला अध्यक्ष मोहम्मद असलम एडवोकेट के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बरेली कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय क्षेत्र का एक प्रमुख शिक्षण संस्थान है, जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि यदि विश्वविद्यालय के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाती है तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर पड़ेगा। इसलिए किसी भी निर्णय से पहले छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
एआईएमआईएम ने ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश सरकार से अपील की कि विश्वविद्यालय से जुड़े मामले में ऐसा समाधान निकाला जाए जिससे शिक्षा व्यवस्था बाधित न हो और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने से बच सके। संगठन ने यह भी आग्रह किया कि किसी भी कार्रवाई से पहले सभी कानूनी और मानवीय पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाए।
जिलाध्यक्ष मोहम्मद असलम एडवोकेट ने कहा कि यह मुद्दा राजनीति से अधिक शिक्षा और युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है। उनका कहना था कि प्रदेश सरकार को ऐसा निर्णय लेना चाहिए जिससे हजारों विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित सुरक्षित रह सकें और शिक्षा का वातावरण प्रभावित न हो।
ज्ञापन सौंपने के दौरान नसीम रजा, गुड्डू अल्वी, शाहिद मंसूरी, इलियास, अनवर चौधरी, मोहम्मद इलियास, नदीम, मुन्ने, तौसीफ अहमद सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



