बरेली। जिले में हाल ही में पानी में डूबने से हुई दो अलग-अलग घटनाओं में जान गंवाने वाले परिवारों को उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। दैवीय आपदा राहत योजना के तहत दोनों मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की गई। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने तहसील प्रशासन की मौजूदगी में प्रभावित परिवारों को सहायता राशि के प्रतीकात्मक चेक सौंपे।

पहली घटना आंवला नगर पालिका क्षेत्र के मोहल्ला खेड़ा की है। लगातार हुई बारिश के दौरान छह वर्षीय दिव्यांग बालक प्रीत खेलते समय फिसलकर नाले में गिर गया और तेज बहाव में बह गया। घटना के बाद जिला प्रशासन ने बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। नगर पालिका, पुलिस, फायर सर्विस, एसडीआरएफ और फ्लड पीएसी की संयुक्त टीम ने करीब 44 घंटे तक लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया। लंबे प्रयास के बाद बच्चे का शव बरामद किया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार किया।

दूसरी घटना थाना अलीगंज क्षेत्र के ग्राम महोबा माजरा कैनी शिवनगर की है। यहां 22 वर्षीय अजय रामगंगा नदी में नहाने के दौरान गहरे पानी में डूब गया। सूचना मिलते ही तहसील प्रशासन ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू कराया। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के नेतृत्व में एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम ने संयुक्त अभियान चलाया और लगभग चार घंटे की मशक्कत के बाद युवक का शव नदी से बरामद कर लिया।
दोनों मामलों को दैवीय आपदा के दायरे में मानते हुए राजस्व एवं आपदा विभाग ने नियमानुसार मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की। मंत्री धर्मपाल सिंह ने सहायता राशि के प्रतीकात्मक चेक वितरित करते हुए कहा कि सरकार आपदा से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रशासन ने बरसात के मौसम में लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि तेज बहाव वाले नालों, नदियों और जलभराव वाले स्थानों के पास जाने से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय रहते राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।



