बरेली। ऑनलाइन गेमिंग और क्रिप्टोकरेंसी की आड़ में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का बरेली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। थाना भुता पुलिस ने ऐसे गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी पहचान और बैंक खातों के सहारे डिजिटल करेंसी के जरिए रकम का लेनदेन कर रहे थे। शुरुआती जांच में महज पांच बैंक खातों से पांच साल के भीतर करीब 25 करोड़ रुपये के कैश ट्रांजैक्शन का पता चला है। पुलिस को इस नेटवर्क से जुड़े 60 बैंक खातों की जानकारी भी मिली है।

एसपी ग्रामीण उत्तरी अंशिका वर्मा के मुताबिक, आरोपी बिना हिसाब-किताब वाले स्रोतों से यूएसडीटी और अन्य क्रिप्टोकरेंसी के जरिए रकम हासिल करते थे। इसके बाद अलग-अलग एप्लीकेशन की मदद से डिजिटल करेंसी को भारतीय रुपये में बदला जाता था। जांच में सामने आया कि संदिग्ध लेनदेन के चलते कुछ बैंक खाते दूसरे राज्यों की पुलिस पहले ही फ्रीज करा चुकी है।
पूछताछ में आरोपियों ने फर्जी आधार और पैन कार्ड के जरिए अपनी असली पहचान छिपाने की बात बताई। अलग-अलग मोबाइल फोन में गेमिंग एप डाउनलोड कर ऑनलाइन धोखाधड़ी की जाती थी। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क को एक व्यक्ति नियंत्रित करता था, जिसके संपर्क में हजारों लोग बताए जा रहे हैं। उसके बताए बैंक खातों में रकम भेजने के बदले लोगों को डिजिटल कॉइन दिए जाते थे। इसके बाद ज्यादा मुनाफे का लालच देकर नए लोगों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 20 मोबाइल फोन, 44 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, 25 बैंक पासबुक, 30 चेकबुक, सात आधार कार्ड, पांच पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, छह पीली धातु के बिस्कुट, थर्मल स्कैनर, एमक्यूआर मशीन और जमीन से जुड़े 18 दस्तावेज बरामद किए हैं। इसके अलावा 4 लाख 97 हजार 800 रुपये नकद मिले हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बृजेश, हरीश सिंह, सुमेर, आकाश, विपुल कुमार सिंह और पिंटू के रूप में हुई है। सभी भुता थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने इनके खातों में 10 लाख रुपये होल्ड कराए हैं। धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज और ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस अब इस नेटवर्क की वित्तीय कड़ियां खंगाल रही है।



