बरेली। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज होने लगी है। इसी बीच बरेली में भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के जरिए विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कार्यक्रम में भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी की मौजूदगी ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया। जनसभा में नेताओं ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को निशाने पर लेते हुए SIR, वोट चोरी और चुनाव आयोग के मुद्दे पर तीखे बयान दिए।

केशव मौर्य ने सपा-कांग्रेस पर लगाए वोट चोरी के आरोप
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश में गुंडागर्दी और अराजकता को दोबारा पनपने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए उन्होंने कहा कि वोट चोरी करने वाले कांग्रेस और सपा के लोग हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से 2027 में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने का आह्वान किया। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने चुनाव में हार के बाद विपक्ष की ओर से बहाने बनाने की बात कही।

नड्डा ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, SIR का किया समर्थन
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है, लेकिन विपक्षी नेता लगातार संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं। राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने पर सब ठीक नजर आता है, जबकि हारने पर ईवीएम और चुनाव आयोग को निशाना बनाया जाता है।
SIR के समर्थन में नड्डा ने कहा कि मतदाता सूची को दुरुस्त करना जरूरी है। मृत लोगों के नाम हटाने और पात्र नए मतदाताओं को जोड़ने की प्रक्रिया को उन्होंने आवश्यक बताया। साथ ही विपक्ष पर इस प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।

एक कार में निकले तीनों नेता, भीड़ को लेकर हुई चर्चा
जनसभा के बाद जेपी नड्डा, केशव मौर्य और जयंत चौधरी एक ही कार में सवार होकर निकले। वहीं कई भाजपा नेता पैदल चलते हुए लोगों का अभिवादन करते नजर आए। हालांकि भाजपा के मजबूत गढ़ माने जाने वाले राजेंद्र नगर में नेताओं को देखने के लिए अपेक्षा के अनुरूप भीड़ नहीं जुटी।
आयोजन के दौरान स्कूल-कॉलेज बंद रहे और स्थानीय बाजार भी बंद दिखाई दिया। भाजपा नेताओं ने बाजार बंदी को व्यापारियों का स्वैच्छिक निर्णय बताया। इस तरह कार्यक्रम में भाजपा ने विपक्ष पर हमले और 2027 की चुनावी तैयारी का संदेश दिया, लेकिन पदयात्रा में भीड़ की मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी रही।



