किसानों की समस्याओं  को लेकर किसान एकता संघ ने किया प्रदर्शन

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बरेली। किसान एकता संघ के कार्यकर्ताओं ने आज राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ रवि नागर के नेतृत्व में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी को दिया और बताया गया कि गौतम बुद्ध नगर में दर्ज की गई एफ आई आर संख्या 538 दिनांक 4 दिसंबर के मामले से पता चलता है कि पुलिस कमिश्नर ने 112 किसानों को एक पुलिस सब इंस्पेक्टर राजीव कुमार की हत्या के प्रयास और मेट्रो ट्रेन रोकने के लिए भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के झूठे आरोपों में फसाया है जो लगाया गया आरोप निराधार है।

 

 

किसान पिछले 21 दिनों से जेल में बंद है नई राष्ट्रीय कृषि बाजार नीति और तीन कृषि कानून को पिछले दरवाजे से फिर से लागू करने की कॉरपोरेट एजेंट की रणनीति का एक हिस्सा है। पिछले तीन वर्षों से खाद सब्सिडी में 60 करोड रुपए और उर्वरक सब्सिडी में 62 करोड रुपए की कटौती देश की सीमित एनसीपी और खाद्य सुरक्षा की मौजूदा अर्थ व्यस्त व्यवस्था पर कॉर्पोरेट हमला है। भारत के मेहनतकश लोगों को चुनौती दे रही हैं।  और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार केवल कॉर्पोरेट घरों  की सेवा कर रही है। किसान एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सोरन प्रधान सहित जेल में बंद सभी किसान नेताओं को जेल से रिहा किया जाए।

 

किसानों का जेल से रिहा किया  जाए राष्ट्रीय कृषि बाजार नीति को वापस लिया जाए । सभी किसान संगठनों के साथ तत्काल चर्चा करें और 9 दिसंबर 2021 के पत्र में सहमति के अनुसार सभी लंबित मुद्दों पर समाधान करें। उत्तर प्रदेश में दक्षिणांचल एवं पूर्वांचल विद्युत निगम का निजीकरण का फैसला वापस हो ।निगम के घाटे की जांच हो घाटे की जिम्मेदार दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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Author: newsvoxindia

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