
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में कोरोना की तीसरी से मुकाबला करने की तैयारी शुरू हो चुकी है | इसी क्रम में बच्चों को सुरक्षा देने के मकसद से बरेली 300 बेड कोविड हॉस्पिटल में 12 बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू बनाया गया है | इस वार्ड का तब यूज किया जा सकेगा जब तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने के मामले आते है | इस स्थिति में यह बच्चा वार्ड आईसीयू बच्चों के लिए वरदान साबित होगा |300 बेड कोविड अस्पताल के सीएमएस वागीश वैश्य ने बताया कि तीसरी लहर के आने की आशंका के चलते तैयारी की जा रही है। पीडियाट्रिक आईसीयू के लिए 12 बेड वेंटिलेटर के साथ तैयार है। जरूरत के हिसाब से और बेड बढ़ाये जाएंगे। अस्पताल में ऑक्सीजन के लिए दो प्लांट लगाए जा रहे है। एक प्लांट को तमिलनाडु की कंपनी लगा रही है। कुल मिलाकर तीन सौ बेडो पर अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई हो जाएगी।
एक जानकारी के मुताबिक मेरठ के जिला अस्पताल में भी पीडियाट्रिक आईसीयू बनकर तैयार है | जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 17 मई को बरेली में प्रशासनिक अफसरों के साथ मीटिंग में कहा था कि कोरोना की तीसरी लहर के लिए अभी से तैयारी रखें। बरेली जिले में भी प्रशासन अपने स्तर से ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कराने की पहल कर रहा है | वही इफ्को भी 5 करोड़ की लागत से ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कर रहा है | इस प्लांट से पूरे जिले के अस्पतालों में फ्री ऑक्सीजन दी जाएगी |

जानिए किस तरह का होगा पीडियाट्रिक आईसीयू
कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के चलते सरकार ,स्वास्थ्य विभाग , स्थानीय प्रशासन बेहद सजग है | इसी के चलते पीडियाट्रिक आईसीयू में 12 वेंटिलेटर बेड , 2 इनक्यूबेटर लगाए गए है | वही अस्पताल प्रबंधन कई बच्चों के डॉक्टरों की लिस्ट को भी तैयार कर रहा है |

बरेली प्रशासन बड़ा रहा बेड की उपलब्धता
बरेली प्रशासन कोरोना की तीसरी लहर देखते हुए अलर्ट मोड़ पर है | प्रशासन ऐसे सीएचसी और पीएचसी को चिन्हित कर रहा है | जहां कोविड मरीजों के लिए जरुरत पड़ने पर अस्पताल के तौर पर प्रयोग किया जा सके | शीशगढ़ में भी बरेली प्रशासन ने 30 बेड अस्पताल बनाने की पहल शुरू की है | इस सम्बन्ध में बरेली डीएम नितीश कुमार ने शीशगढ़ सीएचसी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को देखा था |




