बरेली। जिले में ईद-उल-अजहा का त्योहार गुरुवार को पूरी अकीदत, अमन और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही शहर की ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज़ियों की भारी भीड़ देखने को मिली। लोगों ने ईद की नमाज़ अदा करने के बाद एक-दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद दी और देश में शांति, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी।

बाकरगंज स्थित मुख्य ईदगाह में सुबह 10 बजे काज़ी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रज़ा कादरी ने ईद की नमाज़ अदा कराई। नमाज़ के बाद खुत्बा पढ़ा गया और मुल्क में अमन-चैन के लिए खास दुआ की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने आपसी भाईचारे का संदेश दिया।
जमात रज़ा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान ने लोगों से अपील की कि कुर्बानी के दौरान साफ-सफाई और सामाजिक सौहार्द का विशेष ध्यान रखें तथा खुले स्थानों पर कुर्बानी करने से बचें। ईदगाह कमेटी के पदाधिकारियों ने भी सभी को ईद की मुबारकबाद दी।
शहर की प्रमुख मस्जिदों और दरगाहों में अलग-अलग समय पर ईद की नमाज़ अदा की गई। दरगाह आला हज़रत स्थित रज़ा मस्जिद में मुफ्ती ज़ईम रज़ा ने नमाज़ पढ़ाई, जबकि खास दुआ अल्लामा तौसीफ रज़ा खान ने कराई। यहां बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।

गढ़ी मस्जिद, खानकाह-ए-नियाज़िया, दरगाह ताजुश्शरिया, जामा मस्जिद, नौमहला मस्जिद और अन्य धार्मिक स्थलों पर भी नमाज़ियों की भारी भीड़ रही। उलेमाओं ने अपने बयान में हजरत इब्राहीम और हजरत इस्माइल अलैहिस्सलाम की कुर्बानी का जिक्र करते हुए त्याग और इंसानियत का संदेश दिया।
नमाज़ और कुर्बानी के बाद घरों में दावतों और मेहमाननवाज़ी का सिलसिला शुरू हो गया। लोगों ने सेवइयां और पारंपरिक पकवानों के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं।
त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि जिले की सभी ईदगाहों और मस्जिदों पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। क्विक रिस्पॉन्स टीम और ड्रोन कैमरों की मदद से निगरानी की गई तथा लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई।




