बरेली। शहर के महिला जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने जब अस्पताल का औचक निरीक्षण किया तो वहां कई गंभीर खामियां सामने आईं। निरीक्षण के दौरान कई डॉक्टर और कर्मचारी ड्यूटी से गायब मिले, जबकि मरीजों ने जांच, दवाओं और इलाज को लेकर अपनी परेशानियां अधिकारियों के सामने रखीं।

रविवार को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) श्रीमती पूर्णिमा सिंह के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों की टीम महिला जिला अस्पताल पहुंची। टीम में उप जिलाधिकारी (न्यायिक) मीरगंज श्रीमती निधि डोडवाल, अपर उपजिलाधिकारी (सदर) श्रीमती मल्लिका नैन, जिला प्रोबेशन अधिकारी श्रीमती मोनिका राना और सहायक निदेशक मत्स्य गायत्री पाण्डेय भी शामिल रहीं।
अधिकारियों के अचानक अस्पताल पहुंचने से कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।निरीक्षण के दौरान अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. त्रिभुवन प्रसाद मौके पर मौजूद नहीं मिले। इसके अलावा ड्यूटी रोस्टर में तैनात महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. शमी और डॉ. मिनाक्षी भी अनुपस्थित पाई गईं। नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के कई कर्मचारी भी ड्यूटी से नदारद मिले, जिस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई।
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड व्यवस्था भी सवालों के घेरे में दिखाई दी। मरीजों ने अधिकारियों को बताया कि अल्ट्रासाउंड कराने के लिए तीन महीने बाद की तारीख दी जा रही है। इसके कारण कई मरीजों को मजबूरी में निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। जांच के दौरान अल्ट्रासाउंड कक्ष में मरीजों के रिकॉर्ड से जुड़ी व्यवस्थाएं भी संतोषजनक नहीं मिलीं।
मरीजों ने यह भी शिकायत की कि अस्पताल में कई पैथोलॉजी जांच उपलब्ध नहीं हैं। एक महिला मरीज ने बताया कि उसे बाहर निजी लैब में जांच करानी पड़ रही है, जिस पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। वहीं कुछ मरीजों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में जरूरी दवाएं और इंजेक्शन नहीं मिल रहे, जिसके कारण बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी सेवाओं की स्थिति भी खराब मिली। अस्पताल के प्रवेश द्वार पर न स्ट्रेचर उपलब्ध थे और न ही व्हीलचेयर मौजूद थी। मौके पर वार्ड सहायक और सुरक्षा गार्ड भी नहीं मिले। हेल्प डेस्क पर शिकायत पंजिका का रखरखाव भी ठीक नहीं पाया गया।
निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और मरीजों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने को कहा गया।




