बरेली। वर्ष 2019 से जुड़े एक पुराने प्रकरण में अदालत ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ओपी वर्मा को समन जारी किया है। वर्तमान में लखनऊ में विशेष सचिव पद पर कार्यरत ओपी वर्मा को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट ने 2 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं।
यह मामला एक परिवाद के आधार पर न्यायालय में दर्ज है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वर्ष 2019 में जब ओपी वर्मा बरेली में एडीएम सिटी के पद पर तैनात थे, तब उन्हें कार्यालय में बुलाकर कथित रूप से उनके साथ अभद्रता, मारपीट और जातिगत टिप्पणियां की गईं। साथ ही बाद में उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने का भी आरोप लगाया गया है।
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, जांच रिपोर्ट, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने मामले को प्रथम दृष्टया सुनवाई योग्य मानते हुए समन जारी किया।
शिकायतकर्ता रमोद कुमार सक्सेना ने बताया कि 24 जनवरी 2019 को उन्हें तत्कालीन एडीएम सिटी कार्यालय में बुलाया गया था। उस समय वहां कुछ अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे। आरोप है कि बातचीत के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि उन पर विभागीय अनियमितताओं की जिम्मेदारी स्वीकार करने का दबाव बनाया गया, जिसे उन्होंने स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
मामले में अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 2 जुलाई की तारीख तय की है। उस दिन आरोपी अधिकारी को अपना पक्ष रखने के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। अदालत दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी।
सुनवाई के दौरान लोकसेवक सुरक्षा से जुड़ी दलील को अदालत ने अस्वीकार कर दिया है और कहा है कि पद के दुरुपयोग से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया जारी रह सकती है।



