बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान अब उपद्रव से नहीं, बल्कि उत्सव से होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि माफिया के खिलाफ कार्रवाई होने पर सपा को पीड़ा होती है। संभल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले वहां जाने से लोग डरते थे, लेकिन अब अपराधियों में पुलिस का भय है।
वहीं, प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अखिलेश यादव की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दिए जाने पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि योगी तो अयोध्या से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो गए, लेकिन सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष खुद मैदान से पीछे हट गए। दोनों नेताओं के संबोधन में कानून-व्यवस्था, शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक मुद्दे प्रमुख रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली के नौ नाथों को नमन करते हुए कहा कि शहर की पहचान अब नाथ नगरी के रूप में भी स्थापित हो रही है। शरद नवरात्रि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी देश और प्रदेश की पहचान उसकी शिक्षा व्यवस्था से होती है। शिक्षा का असर समाज के साथ अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है।
शिक्षा व्यवस्था पर पिछली सरकार को घेरा
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था बदहाल थी और माध्यमिक व बेसिक शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े थे। उनकी सरकार ने नकलविहीन परीक्षाएं कराने और शिक्षकों की भर्ती करने पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माता बताते हुए कहा कि योग्य गुरु विद्यार्थियों को सही दिशा देकर देश के भविष्य का निर्माण करते हैं।
मुख्यमंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उल्लेख करते हुए गुरु के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प के जरिए स्कूलों में सुविधाएं बेहतर बनाने के साथ स्मार्ट क्लास और पुस्तकालयों के विकास पर भी काम किया है।
14 दिन में परीक्षा और 14 दिन में परिणाम का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा कि परीक्षाएं 14 दिन में पूरी कराने और अगले 14 दिन में परिणाम घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार को विकास का दोहरा इंजन बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
रोजगार के मुद्दे पर सीएम योगी ने दावा किया कि सरकार ने साढ़े नौ लाख युवाओं को रोजगार दिया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकलकर आर्थिक रूप से मजबूत प्रदेश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालयों की स्थापना और एक जिला, एक उत्पाद योजना का भी उल्लेख किया।

शाहजहांपुर के क्रांतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने एक पुराने कार्यक्रम का प्रसंग सुनाया और विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो लोग शिक्षा के विरोधी रहे हैं, वे शिक्षकों के हितैषी कैसे हो सकते हैं।
सुरेश खन्ना ने अखिलेश यादव पर कसा तंज
प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अखिलेश यादव की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दिए जाने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो अयोध्या से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो गए, लेकिन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष खुद मैदान से पीछे हट गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसे लोगों को क्या कहते हैं, यह जनता अच्छी तरह जानती है।
सुरेश खन्ना ने बरेली और मुरादाबाद मंडल में हरि सिंह ढिल्लों के समर्थन में भी अपील की। उन्होंने कहा कि दोनों मंडलों में हरि सिंह ढिल्लों प्रमुख नाम हैं और वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पार्टी के प्रत्याशी हैं। उन्होंने मतदाताओं से ढिल्लों को वोट देकर विजयी बनाने की अपील की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के संबोधनों में सपा पर राजनीतिक हमला, सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख और शिक्षा, रोजगार तथा कानून-व्यवस्था के मुद्दे प्रमुख रहे।




