बरेली में विकास भवन सभागार में सोमवार को बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ स्थित लोकभवन से आयोजित अनुदेशक सम्मान समारोह एवं चेक वितरण कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया। कार्यक्रम में अनुदेशकों के बढ़े हुए मानदेय को लेकर खुशी का माहौल दिखाई दिया।
प्रदेश सरकार ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 1 अप्रैल 2026 से ₹9,000 प्रतिमाह से बढ़ाकर ₹17,000 प्रतिमाह कर दिया है। इस निर्णय को लेकर जनप्रतिनिधियों और अनुदेशकों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया।
कार्यक्रम में प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, सांसद छत्रपाल गंगवार, महापौर उमेश गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, एमएलसी बहोरन लाल मौर्य, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी अविनाश सिंह और मुख्य विकास अधिकारी देवयानी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
इस दौरान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने अनुदेशकों को प्रतीकात्मक चेक वितरित कर सम्मानित किया। मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि अंशकालिक अनुदेशकों ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर शिक्षा, खेल, कला और स्वास्थ्य शिक्षा जैसे विषयों से बच्चों को जोड़ने में अनुदेशकों का योगदान सराहनीय रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। स्कूलों में आधारभूत सुविधाएं बढ़ाने, नामांकन में वृद्धि और डीबीटी प्रणाली के जरिए पारदर्शी लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही अनुदेशकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास जारी हैं।
सांसद छत्रपाल गंगवार ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह सरकार की संवेदनशील सोच और शिक्षा कर्मियों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने अनुदेशकों से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का आह्वान किया।



