बरेली। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के मौलानगर में मंगलवार को बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने पार्क की सरकारी भूमि पर बने कथित अवैध निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान पुलिस, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर से निर्माण का हिस्सा हटाया गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
अधिकारियों के अनुसार स्थानीय लोगों की शिकायत पर मामले की जांच कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सार्वजनिक पार्क की भूमि पर निर्माण कर लिया गया है, जिससे स्थानीय लोगों को पार्क के उपयोग में परेशानी हो रही है। जांच के बाद BDA ने संबंधित निर्माण को नियमों के विपरीत मानते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की। इससे पहले 24 जुलाई को भी कार्रवाई प्रस्तावित थी, लेकिन उस दिन किसी कारणवश अभियान नहीं चल सका था।

मंगलवार को BDA की टीम पुलिस सुरक्षा के बीच मौके पर पहुंची और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी की।कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध भी जताया। इस दौरान अधिकारियों और विरोध कर रहे लोगों के बीच कहासुनी हुई, हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखते हुए अभियान जारी रखा। BDA का कहना है कि यह कार्रवाई सक्षम प्राधिकारी और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की गई है।
वहीं, कार्रवाई के बाद महामंडलेश्वर संजीव कृष्ण जी महाराज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह वर्षों से धर्म और गौसेवा के कार्य से जुड़े हुए हैं तथा उनके यहां किसी प्रकार का व्यावसायिक कार्य नहीं होता। उन्होंने कहा कि कथा, गौसेवा और जरूरतमंदों की सहायता के लिए कभी किसी से कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
उन्होंने आरोप लगाया कि BDA के एक अधिकारी ने यह गलत जानकारी दी कि वहां कोई गौशाला संचालित नहीं है, जबकि उनके अनुसार संबंधित स्थान पर लगभग 30 वर्षों से गौशाला चल रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से पूरे मामले की जांच कर संबंधित अधिकारी से जवाब तलब करने की मांग की।
महामंडलेश्वर ने दावा किया कि गौशाला की भूमि एक किसान द्वारा धर्मार्थ कार्यों के लिए विधिवत वसीयत के माध्यम से ट्रस्ट को दी गई थी और इससे संबंधित सभी दस्तावेज उपलब्ध हैं। उनका यह भी कहना है कि कॉलोनी से जुड़े मामले में पूर्व में BDA की समिति द्वारा दिए गए निर्देशों के दस्तावेज भी प्रशासन को सौंपे जा चुके हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें पर्याप्त समय और नोटिस दिए बिना कार्रवाई कर दी गई। उनके अनुसार वह इलाहाबाद में वरिष्ठ अधिवक्ताओं से कानूनी सलाह लेने गए थे और वापस लौटने से पहले ही बिना पूर्व सूचना के ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि कार्रवाई के दौरान पानी का नल क्षतिग्रस्त होने से गौशाला में मौजूद गायों के लिए पेयजल की समस्या पैदा हो गई है।
महामंडलेश्वर संजीव कृष्ण जी महाराज ने बताया कि कामधेनु गौशाला ट्रस्ट आयकर अधिनियम की धारा 80G और 12A के तहत पंजीकृत है तथा यहां केवल धार्मिक और गौसेवा से जुड़े कार्य किए जाते हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मामले की समीक्षा करने और गौशाला को हुए नुकसान के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की।



