बरेली। विश्व प्रसिद्ध इस्लामी विद्वान इमाम अहमद रज़ा खान बरेलवी के 108वें उर्स-ए-रज़वी का आयोजन 6, 7 और 8 अगस्त को बरेली में श्रद्धा और अकीदत के साथ किया जाएगा। उर्स की सभी धार्मिक रस्में दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना अल्हाज सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती, सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रज़ा कादरी (अहसन मियां) की सदारत तथा सैय्यद आसिफ मियां की निगरानी में दरगाह परिसर और इस्लामिया मैदान में संपन्न होंगी।
मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि उर्स का शुभारंभ 6 अगस्त को परचम कुशाई की रस्म के साथ होगा, जबकि 8 अगस्त को दोपहर 2:38 बजे कुल शरीफ की रस्म के साथ तीन दिवसीय उर्स का समापन होगा। दरगाह प्रमुख हज़रत सुब्हानी मियां ने उर्स का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है।
6 अगस्त: परचमी जुलूस और नातिया मुशायरा
उर्स के पहले दिन सुबह नमाज़-ए-फ़ज्र के बाद कुरानख्वानी होगी। शाम 6 बजे इस्लामिया मैदान में परचम कुशाई की रस्म अदा की जाएगी। इससे पहले आज़म नगर स्थित हाजी अल्लाह बख्श के निवास से शाम 4 बजे परचमी जुलूस निकलेगा, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ दरगाह पहुंचेगा। दरगाह पर सलामी के बाद जुलूस वापस इस्लामिया मैदान पहुंचेगा, जहां दुनियाभर से आए उलेमा की मौजूदगी में हज़रत सुब्हानी मियां परचम कुशाई करेंगे और इसी के साथ उर्स का विधिवत आगाज़ होगा।
बाद नमाज़-ए-मगरिब महफ़िल-ए-मिलाद का आयोजन होगा। रात 10:35 बजे हुज्जतुल इस्लाम के कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। इसके बाद मुफ्ती अहसन मियां की सदारत में भव्य नातिया मुशायरा होगा। इस वर्ष मुशायरे का मिसरा-ए-तरही “सूरत देखो ज़ालिम की तो कैसी भोली भालि है” रखा गया है, जिस पर देश-विदेश के शायर अपना कलाम पेश करेंगे।
7 अगस्त: तहफ्फुज-ए-मज़हब सम्मेलन और तकरीरें
दूसरे दिन सुबह कुरानख्वानी के बाद 8 बजे तहफ्फुज-ए-मज़हब-ओ-मसलक कॉन्फ्रेंस आयोजित होगी। सुबह 9:58 बजे रेहाने मिल्लत के कुल शरीफ की रस्म होगी। दिनभर चादरपोशी और अन्य धार्मिक कार्यक्रम चलते रहेंगे। रात में देश-विदेश के प्रसिद्ध उलेमा अपने खिताब पेश करेंगे। देर रात 1:40 बजे मुफ्ती आज़म-ए-हिंद के कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी।
8 अगस्त: कुल शरीफ के साथ होगा समापन
उर्स के अंतिम दिन सुबह कुरानख्वानी के बाद 8 बजे से नात-ओ-मनकबत और तकरीरों का सिलसिला शुरू होगा, जो दोपहर 2:38 बजे आला हज़रत के कुल शरीफ की रस्म के साथ संपन्न होगा। इसी के साथ तीन दिवसीय उर्स-ए-रज़वी का समापन हो जाएगा।
उर्स की समूची व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सैय्यद आसिफ मियां के नेतृत्व में बड़ी टीम संभालेगी, जिसमें राशिद अली खान, मौलाना ज़ाहिद रज़ा, मौलाना बशीर उल क़ादरी, हाजी जावेद खान, परवेज़ नूरी, अजमल नूरी, ताहिर अल्वी सहित अनेक पदाधिकारी और स्वयंसेवक शामिल रहेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और धार्मिक कार्यक्रमों के सुचारु संचालन के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं।



