बरेली।बहेड़ी थाना क्षेत्र की एक महिला ने शिकायत पर कार्रवाई न होने से परेशान होकर मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय के बाहर आत्मदाह का प्रयास किया। महिला अपने साथ डीजल से भरी बोतल लेकर पहुंची और खुद पर डीजल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और महिला पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे समय रहते रोक लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार, महिला का आरोप है कि होली के दौरान डीजे बजाने को लेकर हुए विवाद के संबंध में उसने बहेड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले में एनसीआर दर्ज की, लेकिन इसके बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। महिला का कहना है कि वह कई बार थाने और पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाती रही, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला।
मंगलवार दोपहर महिला डीजल की बोतल लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंची और खुद पर डीजल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए उसे सुरक्षित बचा लिया। घटना के बाद महिला थाना पुलिस उसे अपने साथ ले गई और प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
एसपी ग्रामीण उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्र ने बताया कि संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
एसपी ग्रामीण उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्र ने बताया कि 6 मार्च 2026 को थाना बहेड़ी में वादिनी मीरा पत्नी गणपत की तहरीर के आधार पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा अपराध संख्या 168/2026 दर्ज किया गया था।
उन्होंने बताया कि विवेचना के दौरान मामले में एससी/एसटी एक्ट की धाराएं बढ़ने के बाद जांच क्षेत्राधिकारी बहेड़ी को सौंप दी गई। विवेचना पूरी होने पर तीन आरोपियों और एक बाल अपचारी के खिलाफ 20 मई 2026 को चार्जशीट दाखिल की गई। इस पर 18 जून 2026 को माननीय न्यायालय ने संज्ञान ले लिया।
मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है और अगली सुनवाई 31 जुलाई 2026 को निर्धारित है।सीओ आशुतोष शिवम ने बताया कि मंगलवार को थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित पुलिस कार्यालय के बाहर वादिनी मीरा ने आत्मदाह का प्रयास किया। उनकी मुख्य मांग नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी थी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल उन्हें रोक लिया और समझाकर शांत कराया। उन्होंने कहा कि मौके पर शांति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है तथा मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जारी है।



