बरेली की बहेड़ी पुलिस ने यूपी उत्तराखंड में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से 5 अवैध पिस्टल, 2 अवैध तमंचे, एक शिफ्ट कार , दो मोबाइल फोन बरामद किये है। पुलिस के मुताबिक पुलिस ने जब आरोपी तस्लीम, सोमू खान को गिरफ्तार किया तो उनके पास से बरामद मोबाइल से गैंग के मुखिया इशरत अली को अवैध पिस्टलों से फायर करते हुए एक वीडियो बरामद हुआ । इशरत अली बहेड़ी का हिस्ट्रीशीटर है।

वहीं इशरत अली फरहत अली का सगा भाई है। बरेली बरेली दंगे के दौरान मौलाना तौकीर रजा के साथ गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में आरोपी सोमू खान ने स्वीकार किया 26 सितंबर 2025 को वह फराहत अली और इशरत अली के कहने पर भारी मात्रा में पिस्टल और तमंचे व कारतूस गाड़ी से लेकर झुमका चौराहे तक आया था। और भेजे गये आदमी की तस्दीक करने के लिए सोमू खान इशरत अली से वीडियो कॉल पर बात कराई थी। इससे प्रतीत होता है कि बरेली बवाल के दौरान सोमू खान ने भीड़ को अवैध हथियार उपलब्ध कराए थे और इन्हीं हथियारों से बरेली पुलिस पर फायरिंग हुई थी। दोनों आरोपियों पर 6 से अधिक आपराधिक मामले पहले से दर्ज है। दो आरोपी इशरत अली , गफ्फार दोनों वांछित है ,इन पर भी 18 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज है।
एसपी ग्रामीण नॉर्थ मुकेश चंद्र मिश्र ने बताया कि 19 फरवरी 2026 को चेकिंग के दौरान बहेड़ी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर शेरगढ़ अड्डे से दोनों आरोपियों को पकड़ा। बरामद स्विफ्ट कार इशरत अली के नाम पर है। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह गिरोह उत्तराखंड के उधमसिंहनगर जिले तक अवैध हथियार पहुंचा रहा था।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपियों पर पहले से छह से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं इशरत अली और गफ्फार समेत अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि बरेली बवाल और अवैध हथियार सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और आगे बड़ी कार्रवाई हो सकती है।



