बरेली ।चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के मामले में बरेली पुलिस ने उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जिले में अब तक पांच हजार से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। 70 प्रतिशत से अधिक रिकवरी स्कोर के साथ मिली इस उपलब्धि के लिए लखनऊ में एसपी क्राइम मनीष सोनकर और साइबर सेल में तैनात एसआई करण को लखनऊ में सम्मानित किया गया।

एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि चोरी या गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए सीईआईआर (CEIR) पोर्टल का प्रभावी इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पोर्टल पर दर्ज मामलों की नियमित निगरानी की जाती है, ताकि मोबाइल फोन की तलाश कर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाया जा सके।

उन्होंने बताया कि जिले के सभी थानों में एक-एक पुलिसकर्मी को सीईआईआर पोर्टल का नोडल अधिकारी बनाया गया है। इनकी जिम्मेदारी मोबाइल चोरी और गुमशुदगी से जुड़े मामलों का लगातार फॉलोअप करने और बरामदगी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की है। पुलिस की इसी व्यवस्था के चलते जिले में पांच हजार से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं।
एसएसपी के मुताबिक, 70 प्रतिशत से अधिक के स्कोर के साथ बरेली ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के लिए एसपी क्राइम मनीष सोनकर और साइबर सेल के एसआई करण को लखनऊ में सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने के बाद पुलिस विभाग का लक्ष्य इस अभियान को और प्रभावी बनाना है।
अब 90 प्रतिशत से अधिक रिकवरी का लक्ष्य
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि पुलिस बरामदगी के मौजूदा प्रदर्शन को और बेहतर करने का प्रयास कर रही है। लक्ष्य जल्द ही रिकवरी स्कोर को 90 प्रतिशत से ऊपर पहुंचाने का है। इससे अधिक से अधिक लोगों के चोरी या गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें वापस सौंपे जा सकेंगे।
सीईआईआर पोर्टल से ऐसे मिलती है मदद
सीईआईआर यानी सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर पोर्टल चोरी या गुम हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक कराने और उनकी बरामदगी की प्रक्रिया में मदद करता है। मोबाइल की शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस पोर्टल के माध्यम से संबंधित मामले पर कार्रवाई और फोन की तलाश का फॉलोअप कर सकती है। बरेली पुलिस ने सभी थानों में नोडल अधिकारियों की तैनाती कर इस प्रक्रिया को नियमित निगरानी से जोड़ा है।



