बरेली। जिला अस्पताल में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों ने अपनी आर्थिक परेशानियां राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य डॉ. सुषमा गौड़ियाल के सामने रखीं। कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें महीने में महज सात हजार रुपये वेतन मिलता है, जिससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने मासिक वेतन बढ़ाकर 12 हजार रुपये करने के साथ महीने में चार दिन की छुट्टी और अवकाश के दौरान वेतन नहीं काटने की मांग उठाई।

कर्मचारियों की समस्याएं सुनने के बाद डॉ. सुषमा गौड़ियाल ने भरोसा दिलाया कि उनके मानदेय में बढ़ोतरी और ठेका प्रथा से मुक्ति का मुद्दा सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। उन्होंने सफाई कर्मचारियों को स्थायी किए जाने की सिफारिश करने की बात भी कही।
मरीजों से जाना इलाज और दवाओं का हाल
कर्मचारियों से बातचीत के बाद आयोग की सदस्य ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों से सीधे बातचीत कर उपचार की स्थिति और दवाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेते हुए उन्होंने जर्जर भवनों की मरम्मत कराने तथा साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
संविदा नर्सों के वेतन का मामला भी उठा
निरीक्षण के दौरान संविदा स्टाफ नर्सों को वेतन नहीं मिलने की समस्या भी सामने आई। इस पर डॉ. सुषमा गौड़ियाल ने संबंधित मामले में शासन को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं और कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान देने की बात कही। निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह, महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. टी. प्रसाद समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।



