बरेली। लखनऊ के केसरबाग कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में सोमवार को बरेली बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन कर नाराजगी जताई। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार हरित और सचिव दीपक पाण्डेय के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जिला अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि 16 मई को केसरबाग कोर्ट परिसर में पुलिस द्वारा निहत्थे वकीलों पर लाठीचार्ज किया गया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। बार एसोसिएशन ने इस घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। हालांकि जानकार यह भी बता रहे है कि कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर हुई थी।
ज्ञापन में मांग की गई कि मामले में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठित करने की मांग भी की गई। अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा।
बार एसोसिएशन ने घटना में घायल हुए अधिवक्ताओं को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी रखी। इसके अलावा लंबे समय से लंबित एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को जल्द लागू करने की मांग दोहराते हुए कहा गया कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
इस दौरान एडवोकेट जयपाल सिंह, हुलसी राम गंगवार, रजत मोहन, रोहित यादव, शांतनु मिश्रा, सौरभ अग्निहोत्री, धर्मवीर, गायत्री, अजय कुमार मौर्य, असलम समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।



