बरेली। आंवला क्षेत्र के रहटुईया गांव में गुरुवार शाम एक मकान में लगी आग ने एक बुजुर्ग महिला की जान ले ली। हादसे में 65 वर्षीय द्रोपदी देवी की जलकर मौत हो गई। वह लकवे से पीड़ित थीं और चलने-फिरने में असमर्थ थीं। आग के दौरान मकान की ऊपरी मंजिल पर फंसी एक महिला और उसके चार बच्चों को स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जानकारी के मुताबिक, आंवला रेलवे स्टेशन के नजदीक स्थित रहटुईया गांव में गुरुवार शाम करीब सात बजे अचानक एक घर से आग की लपटें उठने लगीं। कुछ ही देर में आग ने पूरे मकान को घेर लिया। निचले हिस्से में मौजूद द्रोपदी देवी आग के बीच फंस गईं। शारीरिक रूप से असमर्थ होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सकीं और हादसे में उनकी मौत हो गई।
इस बीच मकान की दूसरी मंजिल पर रमन कश्यप अपने चार बच्चों के साथ फंसी हुई थीं। आग के कारण सीढ़ियों से नीचे उतरना मुश्किल हो गया था। ऊपर लगी लोहे की ग्रिल में बिजली का करंट आने से खतरा और बढ़ गया। हालात को देखते हुए पड़ोसियों ने छत के रास्ते बचाव का प्रयास किया। उन्होंने महिला और बच्चों को पास के दूसरे मकान में पहुंचाया। इस दौरान दो साल की बच्ची को उसकी बड़ी बहन ने संभालकर सुरक्षित बाहर निकाला।
हादसे की जानकारी मिलने पर पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने काफी प्रयास के बाद आग बुझाई। हालांकि, तब तक घर में रखा फर्नीचर, घरेलू सामान और अन्य वस्तुएं जलकर नष्ट हो चुकी थीं।पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ आंवला हेमंत उपाध्याय ने बताया कि मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।



