बरेली। शहर की गलियों और आबादी वाले इलाकों में वर्षों से खड़े जर्जर मकान अब बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं। कमजोर दीवारें, दरारों से भरे भवन और गिरने की आशंका वाले मकानों को लेकर नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर निगम ने शहर में 153 जर्जर भवनों को चिन्हित कर उनके स्वामियों को नोटिस जारी किए हैं। यह कार्रवाई संभावित हादसों को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
नगर निगम अधिनियम की धारा 331 के तहत जारी नोटिसों के बाद संबंधित भवन स्वामियों की जानकारी जुटाई जा रही है। नगर निगम की सूची में भवन संख्या, वार्ड, मोहल्ले का नाम और भवन स्वामी का विवरण दर्ज है। चिन्हित भवन शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित हैं।
सूची में हजियापुर, सुभाषनगर, संजयनगर, परतापुर चौधरी, बाकरगंज, गुलाबनगर, कंकर टोला, शाहबाद, गंगापुर शहदाना, पंजाबीपुरा, आलमगिरी गंज, बिहारीपुर, साहूकारा और मुलकपुर समेत कई इलाके शामिल हैं। संजयनगर की कई गलियों में भी बड़ी संख्या में जर्जर मकान चिन्हित किए गए हैं।
इनमें कुछ भवन बाजारों, स्कूलों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक रास्तों के आसपास स्थित हैं। ऐसे में किसी मकान का हिस्सा गिरने से राहगीरों, स्थानीय निवासियों और आसपास मौजूद लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है। बारिश और मौसम में बदलाव के दौरान कमजोर भवनों का जोखिम और बढ़ सकता है।
नगर निगम की टीम भवनों की वास्तविक स्थिति और उनके मालिकों का सत्यापन कर रही है। नोटिस जारी होने के बाद अब आगे की कार्रवाई भवनों की स्थिति और नियमानुसार तय की जाएगी। सवाल यह है कि संभावित खतरे वाले इन भवनों को समय रहते सुरक्षित कराया जा सकेगा या किसी हादसे के बाद ही कार्रवाई तेज होगी।
नगर आयुक्त संजीव मौर्या ने बताया कि जर्जर मकान के मालिकों को नोटिस दिए गए साथ की कहा गया कि वह जर्जर मकानों के संबंध में एक्शन ले, बरना नगर निगम अपने अधिकार क्षेत्र के तहत कार्रवाई करेगा।




