बरेली। बरेली की थाना बारादरी पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंकों से कार लोन लेकर वाहनों की खरीद-फरोख्त करने वाले पिता-पुत्र के गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि बेटे ने जल्दी और ज्यादा पैसा कमाने का लालच देकर अपने पिता को इस धंधे में शामिल किया था। इसके बाद दोनों ने मिलकर कार लोन फ्रॉड का नेटवर्क खड़ा कर लिया।
पुलिस के अनुसार 22 मई 2026 को सूचना मिली थी कि कुछ लोग नकली दस्तावेज तैयार कर विभिन्न बैंकों से महंगी गाड़ियों का लोन पास करा रहे हैं। इसके बाद उन गाड़ियों को बेचकर अवैध तरीके से मोटी रकम कमाई जा रही थी। सूचना पर थाना बारादरी पुलिस ने 99 बीघा मैदान के पास घेराबंदी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद शमी उर्फ शेरा और उसके बेटे मोहम्मद शेराब के रूप में हुई है। दोनों गार्डन सिटी, बीसलपुर चौराहा क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से किया कैरेंस और हुंडई क्रेटा समेत चार कारें बरामद की हैं। साथ ही फर्जी आय प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र भी बरामद हुए हैं।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मोहम्मद शेराब ने पहले इस तरीके से पैसा कमाने की योजना बनाई और फिर अपने पिता को भी इसमें शामिल कर लिया। दोनों मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे और उन्हीं के आधार पर बैंक से वाहन फाइनेंस कराते थे। बाद में गाड़ियों को दूसरे लोगों को बेच दिया जाता था।
पुलिस का कहना है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और मामले में कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियो को जेल भेजा जा रहा है।




