प्यार के लिए तोड़ी मजहब की दीवार , निशा राजेश हुए एक दूजे के,

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 मुनीब जैदी,
बरेली। नई पीढ़ी खुले आकाश में अपने ही तरह ही की जिंदगी जीना चाहती है। ऐसे में उन्हें ना तो मां बाप की रोकटोक और ना मजहब की बंदिशें पसंद आती है। बरेली में कुछ ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहाँ बिजनौर की रहने वाली मुस्लिम बेटी ने अपना धर्मपरिवर्तन करके हिन्दू युवक से शादी कर ली।बिजनौर की एक गांव की रहने वाली  निशा से अब राधिका बन चुकी है। निशा के पिता बिजनौर में ही व्यापार करते हैं।निशा चार भाइयों की एक बहन है। बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में धर्म परिवर्तन कर निशा ने  गायत्री मंत्र का जाप किया  उससे पहले आश्रम के महंत के के शंकधार ने  निशा का गोमूत्र और गंगाजल से शुद्धिकरण कराया गया। जिसके बाद निशा नें अपना नाम राधिका रख लिया। बाद में अग्नि को साक्षी मानते हुए अपने  प्रेमी राजेश कुमार के साथ शादी के  सात फेरे लिए।
रास्ते की एक मुलाकात ने निशा -राजेश को पति पत्नी के रिश्ते तक ला दिया
निशा और राजेश की प्रेम कहानी काफ़ी दिलचस्प है दोनों की मुलाक़ात बिजनौर के रास्तों में हुई।जिसमें राजेश ने रास्ते में प्यार का इज़हार किया तो निशा नें पहले उस प्यार को क़बूल नहीं किया। लेकिन फिर उस इंकार की कहानी मोबाईल से आगे बढ़ी और दोनों धीरे-धीरे एक दूसरे से फोन पर बात करने लगे। बातें प्यार में तब्दील हो गई। जिसके बाद राजेश ने निशा का जीवन भर का साथ मांग लिया तों निशा भी मज़हब रिश्तो की दीवार को पीछे छोड़कर राजेश के पास आ गईं।जिसके बाद दोनों एक होनें के लिये बरेली आचार्य केके शंखधार के पास आ गए। दोनों ने अगस्त्य मुनि आश्रम में पहुंचकर केके शंखधार से विवाह कराने का आग्रह किया। जिसके बाद केके शंखधार नें हिंदू रीति रिवाज के साथ दोनों का विवाह कराया।
निशा को राजेश के लिए परिवार वालों के लिए सहने पड़ी मारपीट
निशा का कहना है कि उनके मज़हब में मुस्लिम महिलाओं का सम्मान नहीं है उसको शादी के बाद तीन तलाक और हलाला जैसी कुरीतियों से गुज़रना पड़ता है। जब उन्होंने इन कुरीतियों के लिये आवाज़ उठाई तों घरवाले उन्हें मारते पीटते थे।
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Author: newsvoxindia

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