बरेली। भारतीय संविधान के लागू होने के 76 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को बरेली के चंद्रमणि बुद्ध विहार में संविधान प्रचार समिति, लखनऊ की ओर से एक दिवसीय संविधान कैडर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में डॉ. भीमराव अंबेडकर के अनुयायियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने भाग लिया। इस दौरान संविधान विशेषज्ञों ने संविधान की मूल भावना, नागरिकों के अधिकारों तथा महत्वपूर्ण अनुच्छेदों पर विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम में लखनऊ, आगरा, दिल्ली और गाजियाबाद से पहुंचे मुख्य वक्ताओं ने भारतीय संविधान को दुनिया के सबसे श्रेष्ठ और समावेशी संविधानों में से एक बताया। वक्ताओं ने कहा कि संविधान ने प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता, न्याय, शिक्षा और मतदान सहित अनेक मौलिक एवं संवैधानिक अधिकार प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेदों और अधिकारों की पर्याप्त जानकारी न होने के कारण कई लोग अपने अधिकारों और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं उठा पाते। इसलिए प्रत्येक नागरिक को संविधान का अध्ययन कर उसके प्रावधानों को समझना चाहिए।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं के रूप में डॉ. अतर सिंह, इंजी. भीमराज, जेपी प्रसाद, राम सागर चौधरी, जियालाल कुरील, बलराम वर्मा, रामलोट बौद्ध, नंद किशोर सोनकर, आर.एस. भारती, लेखराम सिंह, राजेश कुमार, किशन सिंह जेम और महेंद्र सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के अंत में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया गया और संविधान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया गया। आयोजन को सफल बनाने में ठाकुर दास प्रेमी, रमेश बाबू, दीनदयाल गौतम, मास्टर रामचंद्र, कपिल रत्न बौद्ध, रणवीर सिंह जाटव, चंद्रभान बंटी सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं और संविधान प्रेमियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी संविधान जागरूकता अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि समाज के अधिक से अधिक लोगों तक संविधान की सही जानकारी पहुंच सके।




