बरेली. शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर सोमवार को बरेली में भगवान महर्षि वाल्मीकि की 132वीं भव्य शोभायात्रा गंगा-जमुनी तहजीब, सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे की मिसाल बन गई. शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब, डीजे की धुन पर झूमते युवा, हाथों में मोबाइल की फ्लैश लाइट और भगवान वाल्मीकि के जयकारों से पूरा शहर भक्तिमय हो उठा. जगह-जगह सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने स्वागत शिविर लगाकर पुष्पवर्षा की और शोभायात्रा का भव्य अभिनंदन किया. इस दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सहभागिता ने आयोजन को सामाजिक एकता का संदेश देने वाला बना दिया.

सोमवार को सिटी सब्जी मंडी स्थित प्राचीन भगवान महर्षि वाल्मीकि मंदिर, तकिया काले शाह से शोभायात्रा का विधिवत शुभारंभ हुआ. कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, युवा सेवक संघ के अध्यक्ष एवं महापौर प्रतिनिधि उमेश गौतम के सुपुत्र पार्थ गौतम, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य डॉ. सुषमा गोढ़ियाल, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य उमेश कठेरिया, राज्यसभा सांसद श्रुति गंगवार, शहर विधायक अरुण कुमार, मंत्री शहजिल इस्लाम, पूर्व मंत्री एवं विधायक अताउर रहमान, सांसद धर्मेंद्र कश्यप और सांसद छत्रपाल गंगवार सहित अन्य गणमान्य लोगों ने वाल्मीकि समाज के अध्यक्ष अंशु आर्य के नेतृत्व में संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर शोभायात्रा को रवाना किया.

बरेली कॉलेज चौराहे पर उमड़ा जनसैलाब, जयकारों से गूंजा शहर
शोभायात्रा के दौरान बरेली कॉलेज चौराहे पर ऐसा नजारा दिखाई दिया, मानो पूरा शहर सड़कों पर उतर आया हो. डीजे की धुन पर युवा भगवान महर्षि वाल्मीकि के भजनों पर झूमते नजर आए. हाथों में मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर युवाओं ने उत्साह के साथ जयकारे लगाए. ‘जो बोले सो निर्भय बोल, प्रभु वाल्मीकि की जय’ के उद्घोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक और महिलाओं से लेकर युवाओं तक, हर वर्ग के लोग पूरे उत्साह के साथ शोभायात्रा में शामिल हुए.

शोभायात्रा की भव्यता और श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था. रास्ते में जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर झांकियों का स्वागत किया. विभिन्न सामाजिक संगठनों ने स्वागत शिविर लगाकर श्रद्धालुओं के प्रति सम्मान और सेवा भाव प्रदर्शित किया. आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सौहार्द की भी अनूठी झलक देखने को मिली.
विभिन्न संगठनों ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत
बिहारीपुर से निकली शोभायात्रा के मार्ग में अनेक स्थानों पर धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों की ओर से स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए. अनीश वेग, उमेश गौतम, कालीबाड़ी के राजेश अग्रवाल, प्रवीण ऐरन, सुप्रिया ऐरन, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल और पार्षद राजेश अग्रवाल सहित विभिन्न लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत एवं अभिनंदन किया.

इसके अलावा सम्युन खान, एएसएनजीओ के राजेश अग्रवाल, पार्षद समर्थ मिश्रा, अमन, राजेश अग्रवाल, उपजा प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. पवन सक्सेना और सर्व धर्म एकता समिति के मोहम्मद दारा एडवोकेट सहित अनेक गणमान्य लोगों ने आयोजन में सहभागिता की. विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया. इनमें समाजवादी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी सहित अन्य संगठनों से जुड़े लोग शामिल रहे. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेताओं की सहभागिता भी आयोजन के दौरान चर्चा का विषय रही.अलग-अलग विचारधाराओं और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों का एक मंच पर आकर शोभायात्रा का स्वागत करना बरेली की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे का प्रतीक बना.
आयोजन को सफल बनाने में समिति पदाधिकारियों की अहम भूमिका
कार्यक्रम का मंच संचालन एडवोकेट अमरीश कठेरिया ने किया. शोभायात्रा को सफल बनाने में महर्षि भगवान वाल्मीकि शोभायात्रा प्रबंधन समिति, बरेली के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. समिति के मीडिया प्रभारी एडवोकेट अंकित आर्य, महासचिव अंकुश आर्य, उपाध्यक्ष देवेश आर्य, शिशुपाल कठेरिया, संरक्षक हरवंश सिंह, हरि सिंह वरदान, संरक्षक हरिश बाबू वाल्मीकि, पार्षद अजय रत्नाकर, स्वागत अध्यक्ष एवं अनुसूचित मोर्चा महानगर अध्यक्ष अभिजीत कठेरिया (गोलू), कार्यकारी अध्यक्ष राहुल वाल्मीकि, विजय वाल्मीकि और उमेश आर्य सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता व्यवस्थाओं में जुटे रहे.
शोभायात्रा के साथ विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने सेवा भाव के साथ सहयोग किया. समिति की ओर से सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं, समाजबंधुओं और नगरवासियों का आभार व्यक्त किया गया. आयोजन के माध्यम से समाज में एकता, भाईचारे, सेवा और सद्भाव को मजबूत करने का संकल्प दोहराया गया.
सद्भावना मेला स्थल पर हुआ स्वागत, झांकियों को दिए पुरस्कार
शोभायात्रा के समापन चरण में ब्रह्मपुरा स्थित सद्भावना मेला स्थल पर मेला अध्यक्ष मनोज थपलियाल ने समिति अध्यक्ष अंशु आर्य और शोभायात्रा का स्वागत एवं सम्मान किया. वापसी के दौरान अध्यक्ष अंशु आर्य ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आई झांकियों को पुरस्कार प्रदान किए. इसके साथ ही भव्य शोभायात्रा का समापन हुआ.
पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव का संदेश प्रमुखता से दिखाई दिया. विभिन्न समुदायों, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की सहभागिता ने एक बार फिर साबित किया कि बरेली की पहचान उसकी साझा संस्कृति, भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब से है.



