दिवाली से पहले गन्ना भुगतान की उम्मीद टूटी, केसर मिल की नीलामी टलने पर भड़के किसान

Picture of newsvoxindia

newsvoxindia

FOLLOW US:

SHARE:

बरेली: बहेड़ी में केसर शुगर मिल की जमीन की नीलामी टलने से गन्ना भुगतान की आस लगाए बैठे किसानों में नाराजगी फैल गई। शनिवार को नीलामी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। चार खरीदारों के तहसील पहुंचने के बावजूद केवल एक की ओर से डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) जमा किया गया। इसके चलते नीलामी निरस्त करनी पड़ी। दिवाली से पहले बकाया भुगतान मिलने की उम्मीद लगाए किसानों और किसान नेताओं ने तहसील परिसर में हंगामा किया। बाद में एडीएम संतोष कुमार के आश्वासन पर किसान शांत हुए।

 

35 करोड़ रुपये की जमीन की होनी थी नीलामी

बहेड़ी के मुड़िया मुकर्रमपुर स्थित केसर शुगर मिल की 11.443 हेक्टेयर जमीन की नीलामी के लिए 24 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की गई थी। जमीन का न्यूनतम मूल्य करीब 35 करोड़ रुपये रखा गया था। किसानों को उम्मीद थी कि जमीन की बिक्री से मिल पर बकाया गन्ना भुगतान मिलने का रास्ता साफ होगा। त्योहार नजदीक आने के साथ किसानों को घरेलू जरूरतों और अन्य खर्चों के लिए पैसों की आवश्यकता है। ऐसे में नीलामी टलने से उनकी चिंता बढ़ गई।

चार खरीदार पहुंचे, एक ने जमा किया डीडी

नीलामी में हिस्सा लेने के लिए किच्छा निवासी ग्यारसी लाल अग्रवाल, रुद्रपुर निवासी पुनीत अग्रवाल की एपी ट्रेडर्स, एसएनजी इंफ्रा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड और किच्छा निवासी अजय पाल यादव पहुंचे थे। हालांकि, डिमांड ड्राफ्ट केवल एसएनजी इंफ्रा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड की ओर से ही जमा किया गया। इसके कारण नीलामी की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।

नीलामी टलने पर तहसील में हंगामा

नीलामी निरस्त होने की जानकारी मिलते ही किसान और किसान नेता नाराज हो गए। उन्होंने तहसील परिसर में विरोध जताया। किसानों का कहना था कि वे लंबे समय से बकाया गन्ना भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। नीलामी की प्रक्रिया रुकने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। काफी देर तक परिसर में गहमागहमी का माहौल बना रहा।

सोमवार को नीलामी कराने का आश्वासन

एडीएम संतोष कुमार ने बताया कि नीलामी की प्रक्रिया के तहत कम से कम तीन खरीदारों की भागीदारी जरूरी है। चार खरीदारों के पहुंचने के बावजूद केवल एक का डीडी जमा होने के कारण नीलामी नहीं हो सकी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सोमवार को चारों खरीदार डीडी के साथ पहुंचते हैं तो प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके बाद किसान शांत हुए।

अब किसानों की निगाहें सोमवार को प्रस्तावित नीलामी पर टिकी हैं। हालांकि, नीलामी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बकाया भुगतान कब तक मिल पाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

newsvoxindia
Author: newsvoxindia

Leave a Comment